कटनी। जिला मुख्यालय से लगे बंजारी व सुरखी सहित आसपास के गांव में बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। गुरूवार की शाम बाघ चहल कदमी करते हुए बंजारी व सुरखी टैंक के पास अचानक बाघ मुख्य मार्ग पर आ गया। इस दौरान बाघ कटनी-शहडोल मार्ग को पार कर सरसवाही नर्सरी मार्ग के किनारे जाकर बैठ गया और सड़क किनारे लगभग डेढ़ घंटे तक डेरा जमाए रहा। बाघ की मूवमेंट की जानकारी मिलते ही वन मंडल अधिकारी आर के राय अन्य अधिकारियों व वन अमले के साथ मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने लोगों का नर्सरी मार्ग व कटनी-शहडोल मार्ग से आवागमन बंद कर दिया। उधर बाघ के सड़क किनारे बैठे होने की सूचना मिलते ही उसे देखने लोगों की भीड़ लग गई।
भीड़ को नजदीक जाने से अमले ने रोका तो आसपास के गांवों में भी बाघ की दहशत के चलते लोग खेतों को छोड़कर घरों अपने-अपने को चले गए। मौके पर वन विभाग को बाघ द्वारा शिकार किए जाने के भी निशान मिले हैं, जिसके चलते उसके हिंसक होने के डर से वन अमला भी सतर्क रहा।डेढ़ घंटे के लगभग नर्सरी मार्ग पर पुलिया के नजदीक बैठा बाघ शाम 6 बजे के करीब कटनी-शहडोल मार्ग के किनारे आ गया और सड़क पार करने का प्रयास किया।
वाहनों को मार्ग पर वन अमले ने दोनों ओर रोक दिया और देर शाम तक उसे बंजारी गांव की ओर भेजने का प्रयास किया जाता रहा। बाघ ने कई बार प्रयास किया लेकिन भीड़ को देखकर वापस लौट गया। इसके बाद मार्ग को आवाजाही के लिए खोल दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी बाघ पकड़ में नहीं आया है। इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहना चाहिए।
भटगवां में सर्चिंग के दौरान मिले तेंदुए के पंजे के निशान
ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र के भटगवां बीट में तेंदुए का मूवमेंट बना हुआ है। पिछले कई दिन से घूम रहा तेंदुआ गुरुवार को भनपुरा इलाके में दिखाई दिया। जिसके बाद क्षेत्र के लोगोंं में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक भटगवां-करौंदी बीट सर्किल के भनपुरा, गढ़मास क्षेत्र में गुरुवार को दिन के समय एक तेंदुआ घूमते हुए नजर आया। तेंदुआ को देखते ही लोंग दहशत में आ गए। उमरियापान वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। जानकारी लगते ही उडऩदस्ता सहित वन विभाग अमला मौके पर पहुंच। क्षेत्र में तेंदुए की सर्चिंग की लेकिन वन अमले को तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। सर्चिंग के दौरान वन अमले को भनपुरा के भुतहा हार में पैरों के निशान जरूर मिले हैं। जिसके बाद वन अमले ने पंचनामा कार्रवाई की। वन विभाग को तेंदुए के पैरों के निशान मिलने के बाद वन अधिकारियों ने क्षेत्र में अलग अलग वन कर्मियों को तैनात किया है।
साथ ही क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की समझाइश दी है।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ शिकार के लिए किसी को निशाना बना सकता है।
इसलिए लोग जंगल की तरफ अकेले न जाए।
शोर मचाते हुए टोली बनाकर ही निकले।
इनका कहना है
बाघ को सुरक्षित जंगल की ओर भेजने का प्रयास किया जा रहा है। क्षेत्र में दिन रात पेट्रोलिंग कराई जा रही है ताकि बाघ किसी को नुकसान न पहुंचा सके। साथ ही आसपास के लोगों को भी बाहर अकेले निकलने को मना किया गया है।
-आर.के.राय, वन मंडल अधिकारी
ग्रामीणों से क्षेत्र में तेंदुए होने की सूचना मिली है। सूचना पर वन अमले के द्धारा मौके पर जाकर सर्चिग कराई गई। तेंदुआ दिखाई तो नही दिया लेकिन उसके पैरों के निशान मिले हैं। लोंगो को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। वन कर्मियों की टीम भी निगरानी बनाएं हुए हैं।
-डॉ. गौरव सक्सेना, रेंजर, ढीमरखेड़ा
