;Katni कलेक्टर की पहल : 10 गुना अधिक मुनाफा कमा रहे किसान, केवलारी और निपनिया के आदिवासी किसानों ने रोपे चिरौंजी के 2000 पौधे, Aatma Project Pariyojna आत्मा प्रोजेक्ट परियोजना आर्थिक रूप से पिछड़े किसानों और आदिवासी परिवारों को आत्म निर्भर बनाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने को लेकर कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद द्वारा जिले में निरंतर नव सृजन, नवाचार और नव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रसंस्करण इकाई भी स्थापित, अब आर्थिक रूप से सक्षम होंगे किसान
जिनका सीधा लाभ जहां इन परिवारों को मिल रहा है तो वहीं जिले के विकास में भी ये प्रयास महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। ऐसे ही एक नव प्रयास के रूप में कलेक्टर श्री प्रसाद के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा से जिले के बहोरीबंद विकासखंड के दो गांवों के आदिवासी किसानों ने चिरौंजी के प्रसंस्करण और पौधरोपण की राह चुनी है और अब धीरे धीरे इस राह पर चलकर आर्थिक रूप से सक्षम होने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
जिले में पहली बार हुआ चार का पौध रोपण
कलेक्टर श्री प्रसाद जिले के सुदूर ग्रामों का निरंतर भ्रमण कर वहां की समस्याओं, आवश्यकताओं और संभावनाओं से स्वयं वाकिफ होते हैं और उनके इन्हीं भ्रमण कार्यक्रमों से निकल रही है नवप्रयास की भागीरथी गंगा।
भ्रमण कार्यक्रम दौरान बहोरीबंद के ठेठ आदिवासी गांवों निपनिया और केवलारी में चार उत्पादन की प्रबल संभावना और वहां के आदिवासियों में इसको लेकर रुचि के मद्देनजर कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा यहां के आदिवासी किसानों को आत्मा प्रोजेक्ट के तहत चार के पौधारोपण के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया।
नर्सरी से चार (चिरौंजी) Chironji के 2000 पौधों को लाकर रोपित
कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश पर आत्मा प्रोजेक्ट की परियोजना संचालक रजनी चौहान द्वारा इस दिशा में पहल की गई और मौसम की अनुकूलता को देखते हुए गत अगस्त माह में इन दोनों गांवों के आदिवासी किसानों के 6 समूहों द्वारा वन विभाग की नर्सरी से चार (चिरौंजी) के 2000 पौधों को लाकर रोपित किया गया । उल्लेखनीय है कि यह पहला अवसर है जब जिले में किसी शासकीय परियोजना के तहत चार ( चिरौंजी)
Chironji
के पौधों को व्यवसायिक दृष्टिकोण से बड़े पैमाने पर रोपित कराया गया।
10 गुना अधिक मुनाफा कमा रहे किसान
उल्लेखनीय है कि करीब साढ़े 6 सौ की आबादी वाले ग्राम निपनिया और केवलारी के आदिवासी परिवारों द्वारा यहां पूर्व से लगे हुए चार के करीब 600 वृक्षों से वनोपज का संग्रह कर चार की गुठलियों को बाजार में करीब 150 रुपए किलो के दाम से वर्षों से बेचा जा रहा था।
आत्मा प्रोजेक्ट परियोजना Aatma Project Pariyojna
लेकिन कलेक्टर श्री प्रसाद के प्रोत्साहन उपरांत आत्मा प्रोजेक्ट के तहत परियोजना संचालक आत्मा द्वारा यहां पर रानी दुर्गावती बहुउद्देशीय सहकारी समिति का गठन कर प्रसंस्करण इकाई स्थापित कराई गई। जिसमें उक्त समिति द्वारा बैंक से ऋण लेकर मशीन स्थापित कर चिरौंजी की गुठलियों से चिरौंजी निकालकर उसकी पैकिंग कर बाजार में विक्रय शुरू किया गया। जिससे किसानों को अब 1600 रुपए प्रति किलो का दाम मिल रहा है। जिससे अब किसान 10 गुना अधिक दाम अर्जित कर आर्थिक रूप से सक्षम हो रहे हैं।
