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कानपुर फैक्ट्री अग्निकांड: 7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू, माता-पिता और 3 बेटियों की दर्दनाक मौत

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के चमनगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रेम नगर में रविवार रात एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में माता-पिता और उनकी तीन बेटियां शामिल हैं. आग इमारत के पहले और दूसरे फ्लोर पर स्थित जूता-चप्पल फैक्ट्री में लगी थी, जोकि फैलती हुई तीसरी और फिर चौथी मंजिल तक पहुंच गई. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कुल 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

 

कानपुर फैक्ट्री अग्निकांड: 7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू, माता-पिता और 3 बेटियों की दर्दनाक मौत

 

आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब 7 घंटे लगे. रात 1:30 बजे लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई. इस अभियान में 70 से अधिक फायर फाइटर्स ने हिस्सा लिया. फायर फाइटर्स ने इमारत की तीसरी मंजिल पर फंसे कुछ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन चौथी मंजिल पर फंसे मोहम्मद दानिश (45), उनकी पत्नी नाजमी सबा (42) और बेटियां सारा (15), सिमरा (12) और इनाया (7) की जान नहीं बचाई जा सकी. इन सभी के शव सुबह तकरीबन साढ़े पांच बजे बर्न यूनिट भेजे गए 

बोले लोग- आग पहले बेसमेंट में लगी थी

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पहले बेसमेंट में लगी और उसके बाद मात्र 20 मिनट में चौथी मंजिल तक पहुंच गई. आग लगने के कुछ ही देर बाद इमारत में तीन तेज धमाके भी हुए, जिनके पीछे सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है. फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. धीरे-धीरे दमकल की गाड़ियों की संख्या बढ़ती गई और कुल 10 गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं. मृतकों के एक परिजन ने बताया कि आग इमारत में रात 8.30-8.45 बजे के बीच लगी थी.

आग बुझाने में दिक्कत इसलिए और बढ़ गई, क्योंकि फैक्ट्री में जूते के सोल चिपकाने में इस्तेमाल होने वाला डेंड्राइड केमिकल और पेट्रोल मौजूद था. इससे आग बार-बार भड़कती रही. धुएं के चलते फायर फाइटर्स को बिल्डिंग के अंदर जाने में भी बाधा आई. इधर, पुलिस ने आसपास की 6 इमारतों को एहतियातन खाली करवा लिया और वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया. घटना की जांच जारी है और आग लगने के कारणों की पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है. पुलिस व फायर विभाग मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं.

हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से लोगों का किया गया रेस्क्यू

दमकलकर्मियों के मुताबिक, शुरू में पानी को सीधे सामने से डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन ऊंचाई और संकरी सीढ़ियों के कारण रेस्क्यू में दिक्कतें आईं. इसके बाद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मंगवाया गया, जिसकी मदद से दमकलकर्मियों ने ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचाया और वहां फंसे लोगों को बाहर निकाला.

 

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