टेलीग्राम बैन पर आर-पार: भारत सरकार के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी; सीईओ बोले- ’15 करोड़ भारतीयों को क्यों दे रहे सजा?’

टेलीग्राम बैन पर आर-पार: भारत सरकार के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी; सीईओ बोले- '15 करोड़ भारतीयों को क्यों दे रहे सजा?'

टेलीग्राम बैन पर आर-पार: भारत सरकार के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी; सीईओ बोले- ’15 करोड़ भारतीयों को क्यों दे रहे सजा?’

नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से ठीक पहले केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एक कड़े फैसले ने देश के डिजिटल और कानूनी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। भारत सरकार द्वारा टेलीग्राम ऐप पर लगाए गए 24 घंटे के अस्थायी प्रतिबंध के खिलाफ टेलीग्राम कंपनी सीधे दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) पहुंच गई है।

टेलीग्राम ने सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए अदालत से तुरंत सुनवाई (Urgent Hearing) की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। बता दें कि एनटीए की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने यह अभूतपूर्व कदम उठाया है, जिसके बाद गूगल और एप्पल ने भी टेलीग्राम को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया है।

आखिर क्यों लगाया गया टेलीग्राम पर प्रतिबंध?

केंद्र सरकार और एनटीए ने देश की साख और मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाया है:

NTA का सनसनीखेज दावा: टेलीग्राम के फीचर से तैयार हुए ‘फर्जी’ पेपर लीक के सबूत

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कोर्ट और सरकार के सामने टेलीग्राम के दुरुपयोग को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है:

टेलीग्राम के CEO पावेल ड्यूरोव का पलटवार-‘यह मूल समस्या का समाधान नहीं’

भारत सरकार के इस एक्शन से टेलीग्राम के ग्लोबल सीईओ पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) बेहद भड़क गए हैं और उन्होंने इसकी कड़ी आलोचना की है:

छात्र और अभिभावक आमने-सामने, VPN का डर बरकरार

इस बड़े डिजिटल प्रतिबंध पर देश के छात्र संगठन और अभिभावक दो धड़ों में बंट गए हैं:

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