Monday, May 4, 2026
Latest:
FEATUREDराष्ट्रीय

Jain Muni Dharna: सिंधिया स्कूल के गेट पर जैन मुनी धरनेे पर बैठे, प्रबंधन ने महावीर स्वामी के दर्शनों के लिए प्रवेश की इजाजत नहीं दी

Jain Muni Dharna: सिंधिया स्कूल के गेट पर जैन मुनी धरनेे पर बैठे, प्रबंधन ने महावीर स्वामी के दर्शनों के लिए प्रवेश की इजाजत नहीं दी। जैन मुनि आचार्य विवुद्ध सागर महाराज अपने कुछ शिष्यों के साथ किले पर स्थित सिंधिया स्कूल के गेट पर खुले आसमान तले कड़ाके की ठंड में बैठ गए हैं। जैन मुनि त्रिशला माता मंदिर पर चार्तुमास कर रहे थे। चार्तुमास की समाप्ति पर सिंधिया स्कूल के ग्राउंड में कुटिया महल के दरवाजे पर विराजित महावीर स्वामी के दर्शन करने के लिए गए। सिंधिया स्कूल के प्रबंधन ने दर्शनों के लिए प्रवेश की इजाजत नहीं दी। उसके बाद जैन मुनि गेट पर बैठ गए। जैन मुनि का कहना है कि भगवान महावीर के दर्शन करते उठूंगा।

 

जैन मुनि आचार्य विवुद्ध सागर महाराज दोपहर 12 बजे के लगभग जैन धर्मावलंबियों के साथ किले पर पहुंचे। जैन मुनि ग्राउंड में एक गेट पर विराजित भगवान महावीर स्वामी के दर्शन करने की इच्छा जताते हुए स्कूल के गार्ड से गेट खोलने का आग्रह किया। जैन समाज के लोग इसे वर्धमान मंदिर भी कहते हैं। सुरक्षा गार्ड ने इसकी सूचना स्कूल के उच्च अधिकारियों को दी। स्कूल प्रबंधन ने गेट खोलने से इनकार कर दिया। विवाद की स्थिति निर्मित होने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

रात में जैन मुनि के बैठने के स्थान को पर्दों से ढका

जैन मुनि के साथ मौजूद पवन जैन ने बताया कि सुबह छह बजे महाराज जी के दर्शन करने पर सहमति हो गई है। चूकि रात को जैन मुनि न चलते-फिरते नही हैं। इसलिए जहां वे बैठे हैं, उस स्थान को पर्दों से ढक दिया गया है।

ग्राउंड में कोई मंदिर नही है

सिंधिया स्कूल के प्रबंधन से जुड़े मनोज मिश्रा ने बताया कि ग्राउंड कुटिया महल है। वहां कोई मंदिर नही है। इसलिए दर्शन का कोई सवाल ही नही उठता है। इसलिए प्रवेश नहीं करने दिया।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम