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jai kisan Jai Jawan पिता किसान, बेटा जवान: आंदोलन में आमने-सामने अपने, बोले- बच्चे निभा रहे वर्दी का फर्ज

jai kisan Jai Jawan पिता किसान, बेटा जवान: आंदोलन में आमने-सामने अपने, बोले- बच्चे निभा रहे वर्दी का फर्ज नए कृषि कानून को लेकर दिल्ली में चल रहा आंदोलन तेज होता जा रहा है। इस आंदोलन के अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं, वहीं एक पहलू ये भी है कि सरकार ने किसान और पुलिस को आमने सामने खड़ा कर दिया है।

सूरत-ए-हाल ये है कि दोनों ही पक्ष अपना अपना फर्ज निभा रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर तैनात पुलिस फोर्स के ढेरों जवान यूपी और हरियाणा के किसान परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन आंदोलन ने उन्हें अपनों के ही सामने दीवार बनकर खड़े रहने को मजबूर कर दिया है।

किसान आंदोलन के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि जब किसान पिता आंदोलन में शामिल होकर किसान एकता का नारा लगाते हुए आगे बढ़ रहा है। वहीं सामने पुलिस की वर्दी में खड़ा बेटा उनको रोकने का प्रयास कर रहा है।

यश भारत ने इस परिदृश्य पर जब बागपत जनपद के कुछ ऐसे किसान परिवारों से बात की जिनके परिवार का एक सदस्य आंदोलन में डटा है तो बेटा पुलिस की वर्दी में बॉर्डर पर दीवार बनकर खड़ा है।

किसान बोले- बच्चे निभा रहे अपना फर्ज, हम अपना
फतेहपुर पुटठी गांव निवासी किसान यशपाल का बेटा प्रदीप तोमर दिल्ली पुलिस में है। यशपाल का कहना है कि बेटा अपनी ड्यूटी कर रहा है, और मैं किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नए कृषि कानून का विरोध कर रहा हूं। भले ही दोनों आमने-सामने हों, लेकिन हमारा दिल एक-दूसरे से जुड़ा है।

eफतेहपुर पुटठी गांव निवासी जितेन्द्र सिंह का बेटा मोहित भी पुलिस में है और वह भी अपना फर्ज निभा रहा है। जितेन्द्र का कहना है कि सरकार लगातार किसान विरोधी कानून बनाकर पास कर कर रही है। यदि अब हम विरोध नहीं करेंगे तो आने वाले समय में इसका खामियाजा बच्चों व परिवार को भुगतना पड़ेगा।

भाकियू के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष उपेन्द्र तोमर का भतीजा सागर तोमर दिल्ली पुलिस में है, इसके बावजूद चाचा-भतीजा आमने-सामने हैं।

उपेन्द्र का कहना है कि किसान आंदोलन के दौरान एक भी ऐसा काम नहीं करेंगे, जो बच्चों का सिर झुका दे। हमारे ही बच्चे ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें लाठी चलाने के लिए कहा जाएगा तो वे लाठी चलाएंगे और हम सहेंगे, लेकिन दिल का रिश्ता तो रिश्ता होता है।
बाद थल के प्रधान जुल्ली चौधरी के परिवार से सलाहुद्दीन, महफूज व निसार दिल्ली पुलिस में बॉर्डर पर खड़े होकर आंदोलन की ड्यूटी कर रहे हैं।

जुल्ली चौधरी का कहना है कि हमारे घर के बच्चे हैं। न हम चाहते हैं कि माहौल खराब हो और न ही उनकी ऐसी मंशा है। सरकार हमारी मांग मान ले तो आंदोलन खत्म हो जाएगा।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम