जबलपुर आउटर रिंग रोड: 3500 करोड़ की 113 किमी परियोजना की समयसीमा बढ़कर मार्च 2027 हुई
जबलपुर: जबलपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने और बाहरी वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बनाई जा रही 113 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड परियोजना की समयसीमा आगे बढ़ा दी गई है। लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना को पहले दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर मार्च 2027 कर दिया गया है।
5 पैकेज में विभाजित है निर्माण कार्य
रिंग रोड के निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए इसे 5 अलग-अलग पैकेज (हिस्सों) में बांटा गया है:
पैकेज 1: बरेला से मानेगांव
पैकेज 2: मानेगांव से NH-45 (बेलखाड़ू क्षेत्र)
पैकेज 3: NH-45 से कुशनेर
पैकेज 4: कुशनेर से अमझर
पैकेज 5: अमझर से वापस बरेला
परियोजना के प्रमुख लाभ
ट्रैफिक से राहत: शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश बंद होगा, जिससे जबलपुर शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
कनेक्टिविटी में सुधार: नेशनल हाईवे (NH) से जुड़ने वाले वाहनों को शहर के बाहर से ही बाईपास का सीधा रास्ता मिल सकेगा, जिससे यात्रा समय में काफी बचत होगी।





















