जबलपुर में विगत दिनों पकड़े गए आइपीएल IPL का सट्टाखिलाने वाले सटोरिए दिलीप खत्री और बबला गुप्ता के गुर्गे देवेश विश्वकर्मा से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जिनसे अहम जानकारियां पुलिस को मिली हैं। इसमें दूसरे शहर और राज्यों से भी तार जुड़ रहे हैं। पूछताछ के दौरान देवेश ने कई खुलासे किए हैं। जानकारी अनुसार दिलीप ने IPL सट्टे के लिए नया एप बनवाया था, जिसे पूरे शहर के बुकियों काे दिया गया था। इस ऐप को एक लिंक के माध्यम से बुकियों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद एक कोड भी दिया जाता था जिससे एप के माध्यम से बुकिंग की जाए। यह सभी बातें सटोरिए आपस में वाट्सएप काल के जरिए करते थे।
UPI से भी लेनदेन
पुलिस जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि सटोरिए रकम का लेन देन मोबाइल में आनलाइन यूपीआइ के जरिए भी लेते हैं जिसके माध्यम से एक लाख रुपये कम यानी 99 हजार रुपये तक की रकम ली जाती है। वहीं एक लाख से अधिक की रकम का नकद लेन देन होता है। इसमें दिलीप और बबला के लोग रकम लेने और देने के लिए पहले से मौजूद रहते हैं।
मंगलवार रात राइट टाउन में पितृ छाया अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर पुलिस ने छापा मारा था जहां तरुण पवईया का फ्लैट किराए पर लेकर उसमें आईपीएल सट्टे की बुकिंग ली जा रही थी। पुलिस को यहां से दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे आइपीएल मैच में सट्टा लिखते पुष्पक नगर, अधारताल निवासी देवेश विश्वकर्मा पकड़ा गया था जिसके पास से एक लाख तीन हजार रुपये नकद सहित 12 मोबाइल व एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी मिली थी। पूछताछ में देवेश ने सटोरिए दिलीप खत्री और बबला गुप्ता का नाम लिया था जिनके द्वारा देवेश को सट्टा लिखने के लिए आइडी दी गई थी।

