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तेल अवीव की ओर बढ़ता तो हाइजैक हुए फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने की थी इजरायल की तैयारी, CBS न्यूज का खुलासा

तेल अवीव की ओर बढ़ता तो हाइजैक हुए फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने की थी इजरायल की तैयारी, CBS न्यूज का खुलासा

अंतरराष्ट्रीय / विदेश डेस्क। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई (Flydubai) के विमान में कॉकपिट के भीतर हुई चाकूबाजी और हाइजैकिंग की कोशिश को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। CBS न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह विमान तेल अवीव की ओर बढ़ता रहता, तो इजरायल अपने फाइटर जेट्स भेजकर इसे बीच रास्ते में ही मार गिराने (Shoot Down) के लिए पूरी तरह तैयार था।

यह फैसला बेन गुरियन एयरपोर्ट और अजरीली सेंटर जैसी इजरायल की महत्वपूर्ण और संवेदनशील इमारतों को 9/11 जैसे किसी बड़े आत्मघाती हमले से बचाने के लिए लिया जाता।

क्या हुआ था 30 सितंबर की उस फ्लाइट में?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अचानक आपातकालीन स्थिति (Emergency) पैदा हो गई:

  • को-पायलट का हमला: को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया और विमान पर कब्जा करने का प्रयास किया।

  • कैप्टन की जांबाजी: गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।

  • यात्रियों ने संभाला मोर्चा: दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी बैठे दो पायलटों ने अल-हम्मामी को काबू में किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया।

इजरायल ने सील किया एयरस्पेस, हाई अलर्ट पर भेजे फाइटर जेट्स

कॉकपिट में हमले के तुरंत बाद इमरजेंसी सिग्नल एक्टिवेट हुआ। इजरायली वायु सेना ने रेडियो के जरिए कॉकपिट से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला:

  • कमांड सेंटर एक्टिवेटेड: इजरायल ने तुरंत इमरजेंसी सिस्टम चालू करते हुए कमांड सेंटर बनाया और अपने पूरे एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को सील कर दिया।

  • लड़ाकू विमान रवाना: इजरायली एयरफोर्स ने स्थिति का जायजा लेने और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई करने के लिए अपने फाइटर जेट्स हवा में रवाना कर दिए थे।

सऊदी अरब ने भी भेजे लड़ाकू विमान; तबुक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

CBS न्यूज के अनुसार, केवल इजरायल ही नहीं बल्कि सऊदी अरब ने भी सुरक्षा के मद्देनजर अपने फाइटर जेट्स को हवा में उतार दिया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि विमान तेल अवीव की ओर बढ़ता रहता, तो इजरायली पायलट कॉकपिट के पास जाकर हाइजैकिंग की पुष्टि करते। इसके बाद अंतिम फैसला इजरायल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के स्तर पर लिया जाता।

हालांकि, जब इजरायली अधिकारियों को जानकारी मिली कि ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) की तरफ मोड़ दिया है और वे वहां इमरजेंसी लैंडिंग कर रहे हैं, तब इजरायली फाइटर जेट्स को वापस बुलाया गया। कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और यात्रियों की सूझबूझ से विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान सुरक्षित बच गई।

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