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उम्र को साधने और मन को बांधने का साधन है योग, श्रमधाम कॉलेज में योग कर मनाया अंतराष्ट्रीय योग दिवस

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कैमोर। आज 21 जून का दिन उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहा जाता है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन में प्रवेश करता है। यह समय मन को स्थिर करते हुए आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में लाभकारी होता है इसीलिए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाया जाता है।

21 जून को श्रमधाम महाविद्यालय परिसर में आयोजित सामूहिक योग के अवसर पर प्राचार्य डॉ आशा तिवारी ने योग के लिए उपस्थित विद्यर्थियों एवं शिक्षकों को यह जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि नियमित योग करने से व्यक्ति स्वस्थ तो रहता ही है उम्र का असर भी उस पर ज्यादा नहीं दिखता। उसे अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती।

वह ज्यादा परिश्रम कर सकता है। योग मन को भी एकाग्रता के बंधन में बांधता है जिससे मनुष्य की आंतरिक शक्तियां और मनोबल बढ़ता है। योग की आदत बचपन से ही डालनी चाहिए। योग स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए एक वरदान है।

प्राचार्य एवं अतिथियों द्वारा योग दिवस के आयोजन और योग के महत्व पर प्रकाश डाले जाने के बाद महाविद्यालय के योग शिक्षक सुजीत प्यासी के नेतृत्व में उपस्थित प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने विविध योगासनों का अभ्यास किया।

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