नई दिल्ली। इंडक्शन चूल्हा हो सकता है सस्ता, GST 18% से घटाकर 5% करने की तैयारी में सरकार। पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की कीमतों में संभावित उछाल को देखते हुए भारत सरकार अब वैकल्पिक कुकिंग तकनीक को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है। इस स्थिति में इंडक्शन चूल्हों को एक सुरक्षित और किफायती विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
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इंडक्शन चूल्हा हो सकता है सस्ता, GST 18% से घटाकर 5% करने की तैयारी में सरकार
सूत्रों के अनुसार, सरकार इंडक्शन कुकटॉप्स के प्रमुख पुर्जों पर लगने वाले सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती करने पर विचार कर रही है, ताकि इनकी कीमत कम हो सके और आम उपभोक्ता इन्हें आसानी से अपना सकें। इसके साथ ही वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने इंडक्शन चूल्हों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की भी सिफारिश की है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, जिससे एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए लोग पहले से ही इलेक्ट्रिक कुकटॉप्स और इंडक्शन बर्तनों की ओर रुझान बढ़ा रहे हैं।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर इस सेक्टर की चुनौतियों पर हितधारकों से चर्चा की है। सरकार ने इलेक्ट्रिक उपकरणों से जुड़े क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) की समयसीमा को बढ़ाकर अक्टूबर 2026 तक कर दिया है, ताकि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
साथ ही ऊर्जा दक्षता मानकों की समयसीमा भी आगे बढ़ाई गई है, जिससे उद्योगों को अनुकूल माहौल मिल सके।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने ईंधन और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा और सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इसमें CNG और CBG स्टेशनों के लंबित आवेदनों का तेजी से निपटारा भी शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो देश में इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सकेगी।

