Cancer Case in SC: कैंसर संक्रामक नहीं, इसे अधिसूचित बीमारी घोषित करना जरूरी नहीं- सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का कड़ा हलफनामा; नीतिगत मामलों में दखल न देने की अपील

Cancer Case in SC: कैंसर संक्रामक नहीं, इसे अधिसूचित बीमारी घोषित करना जरूरी नहीं- सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का कड़ा हलफनामा; नीतिगत मामलों में दखल न देने की अपील

Cancer Case in SC: कैंसर संक्रामक नहीं, इसे अधिसूचित बीमारी घोषित करना जरूरी नहीं- सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का कड़ा हलफनामा; नीतिगत मामलों में दखल न देने की अपील

नई दिल्ली: देश में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रबंधन और उसे सरकारी तौर पर ‘अधिसूचित बीमारी’ (Notified Disease) की सूची में शामिल करने को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ा और कड़क विधिक पक्ष रखा है। केंद्र सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि कैंसर कोई संक्रामक रोग (Infectious Disease) नहीं है, इसलिए इसे मलेरिया, टीबी या कोरोना जैसी संक्रामक बीमारियों की तरह अनिवार्य रूप से अधिसूचित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

दरअसल, केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अनुराग श्रीवास्तव की रिट याचिका पर जारी नोटिस के जवाब में यह कड़ा हलफनामा दाखिल किया है.

 क्या है याचिका और इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का विन्यास?

स्वास्थ्य राज्य का विषय है- 17 राज्यों ने अपने स्तर पर किया है अधिसूचित

केंद्र सरकार ने इस विधिक लड़ाई में देश के संवैधानिक और संघीय ढांचे (Federal Structure) का विन्यास भी सामने रखा है:

  1. सामुदायिक प्रसार का खतरा नहीं: केंद्र ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि चूंकि कैंसर संक्रामक नहीं है, इसलिए इससे समाज में किसी भी तरह के ‘कम्युनिटी स्प्रेड’ (सामुदायिक प्रसार) का कोई खतरा पैदा नहीं होता है.

  2. राज्यों का अधिकार क्षेत्र: हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि भारतीय संविधान के अंतर्गत ‘स्वास्थ्य’ मुख्य रूप से राज्य का विषय (State Subject) है. इसलिए, किसी भी बीमारी को अधिसूचित करने या न करने संबंधी अंतिम निर्णय और विधायी अधिकार राज्य सरकारों के क्षेत्राधिकार में ही आते हैं.

  3. 17 राज्यों का अपना फैसला: केंद्र ने बताया कि अब तक देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य कानूनों या कार्यकारी आदेशों के तहत कैंसर को अपनी स्थानीय निगरानी के लिए अधिसूचित कर दिया है.

  4. ICMR का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क: इसके अलावा, देश में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा ‘राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम’ (NCRP) और संबंधित जनसंख्या-आधारित व अस्पताल-आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों के माध्यम से देशव्यापी निगरानी का कार्य पहले से ही बहुत कड़ाई और वैज्ञानिक विन्यास से किया जा रहा है.

कैंसर की रोकथाम और मुफ्त इलाज के लिए चल रही हैं कई कड़क योजनाएं

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया है कि अधिसूचना न होने के बावजूद कैंसर पीड़ितों के इलाज और देश में इसकी रोकथाम के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हलफनामे में सरकार की वर्तमान महत्वपूर्ण पहलों पर कड़ा प्रकाश डाला गया है:

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