बस ऑपरेटर्स की मांग, 2.50 रुपये तक बढ़ाया जाए किराया
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि डीजल के रेट लगातार बढ़ने की वजह उन्हें वर्तमान के किराए में बस चलाना मुश्किल हो जरा है। जो कमाई हो रही है उसमें बसों का मेंटेनेंस कराएं या घर चलाएं। बसों का मेंटेनेंस ना होना यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। इनका कहना है कि करीब 5 साल से बसों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस बीच डीजल के रेट लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
परिवहन मंत्री और अधिकारियों से मिले बस ऑपरेटर्स
मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और विभाग के अन्य बड़े अधिकारियों से मिलकर बस किराया बढ़ाने की मांग रखी है। उन्होंने मंत्री से इस बारे में जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है। बस ऑपरेटर्स के अनुसार 2021 में सरकार ने प्रति किमी किराया 1.25 रुपये किया था। उस समय भी बस ऑपरेटर्स की मांग के अनुसार किराया नहीं बढ़ाया गया था।
पांच साल के अंदर डीजल सहित बसों में मेंटेनेंस में उपयोग होने वाले हर सामान टायर, ट्यूब, इंजन ऑइल और अन्य पार्ट्स के दाम बढ़ चुके हैं। ऐसे में किराया बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है। ऑपरेटर्स ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर किराया बढ़ाने पर जल्द फैसला नहीं लिया जाता तो वे बसों की हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। लगातार बढ़ते डीजल के रेट और किराया ना बढ़ने से उन्हें नुकसान हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने का असर जहां सब्जियों से लेकर किराना सामान तक नजर आने लगा है, वहीं अब बसों का किराया बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है। मध्य प्रदेश में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने सरकार ने किराया 2.50 रुपये तक बढ़ाने की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने डीजल के रेट 8 रुपये बढ़ने का तर्क दिया है। उनका कहना है कि पहले 5 किमी का किराया 14 रुपये रखा जाए और फिर प्रति किमी ढाई रुपये किया जाए।