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Indian Railway: मुफ्त रेल यात्रा करना पड़ेगा भारी, बजरंग, अहिल्या, महाकाल, भीम और अर्जुन दल करेंगे सीसीटीवी जैसी निगरानी

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Indian Railway: मुफ्त रेल यात्रा करना पड़ेगा भारी, बजरंग, अहिल्या, महाकाल, भीम और अर्जुन दल करेंगे सीसीटीवी जैसी निगरानी। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की अब मुश्किलें बढ़ने वाली है, क्योंकि पहली बार रतलाम मंडल ने चेकिंग स्क्वाड में परिवर्तन करते हुए अलग-अलग नाम से दल बनाए है।

जिन्हें बजरंग, अहिल्या, महाकाल, भीम और अर्जुन नाम दिए गए है। नाम इसलिए ताकि इन नामों से प्रोत्साहित होकर स्टाफ बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे सकें। यह दल चलती ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने वाले और अवैध व्यापार करने वालों की जांच कर मौके पर ही कार्रवाई करेंगे। बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्रियों द्वारा रसीद नहीं बनवाने पर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

ट्रेनों में नियमित रूप से टिकट निरीक्षक द्वारा लगातार यात्रियों के टिकट चेक किए जाते है। लेकिन कई बार बिना टिकट सफर करने वाले यात्री टीसी आने पर दूसरे कोच में चले जाते है और अपना स्टेशन आने पर उतर जाते है। जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है। इसलिए रेलवे ने चलती ट्रेनों में ऐसे यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विशेष दल बनाएं है। जो अलग-अलग ट्रेनों में समूह बनाकर जाते है, और कार्रवाई करते है।

इस बार सीनियर डीसीएम द्वारा नए सिरे से पांच टिकट चेकिंग स्क्वाड बनाएं बनाए गए है। जिसमें से एक स्क्वाड में सिर्फ महिला टिकट निरीक्षणों को ही शामिल किया गया है। सीनियर डीसीएम हिना वी केवलरामानी के अनुसार प्रयोग के तौर पर इन दलों को भीम, अर्जुन, महाकाल, बजरंग और अहिल्या नाम दिया गया है। ताकि स्टाफ दल के नाम से प्रोत्साहित होकर बेहतर कार्रवाई कर सकें।

इसलिए बनाया अहिल्या दल

कई ट्रेनों में बिना टिकट रेल यात्रा करने वाली महिलाएं द्वारा पुरुष टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ बदसलूकी की जाती है और आरोप भी लगाएं जाते है। जिसके चलते कई बार ऐसी महिलाएं बिना कार्रवाई की निकल जाती है। इसलिए अहिल्या दल बनाया गया है, जिसमें पांच उप मुख्य टिकट निरीक्षक और वाणिज्य सह टिकट लिपिक को शामिल किया गया है। वहीं अन्य दलों में पांच से सात उप मुख्य टिकट निरीक्षकों को शामिल किया गया है। किसी भी ट्रेन में कभी भी रतलाम मंडल का सेक्शन बड़ोदा, बीना, कोटा ओर गुना तक है। दल द्वारा कभी भी और सेक्शन के किसी भी हिस्से से ट्रेन में सवार होकर कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई के बाद वापसी की ट्रेन में चढ़कर कार्रवाई करते हुए स्टेशन पहुंच जाते है।

 

पांच माह में एक करोड़ 36 लाख रुपए का राजस्व

पिछले माह में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 24 हजार 278 रही है। जिनसे एक करोड़ 36 लाख 30 हजार रुपए की वसूली की गई है।

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