झुकेही पहुंची 656 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया की रैक; कलेक्टर का सख्त आदेश- केवल ‘ई-टोकन’ से ही बंटेगी खाद
कटनी: जिले के किसानों के लिए खरीफ और जायद फसलों के इस महत्वपूर्ण सीजन में एक बेहद राहत भरी खबर है। कटनी जिले में खादों की किल्लत को दूर करने और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सार्थक प्रयासों और वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर समन्वय के चलते नीम कोटेड यूरिया (Neem Coated Urea) की एक बड़ी रैक झुकेही रैक प्वाइंट पर पहुंच चुकी है।
इस रैक के आने से जिले को कुल 656 मीट्रिक टन यूरिया खाद प्राप्त हुई है, जिसे झुकेही रैक पाइंट से तेजी से उतारकर विभिन्न वितरण केंद्रों पर भेजने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
जानिए किस केंद्र को कितनी मिली यूरिया (विभागीय आवंटन सूची)
उपसंचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, झुकेही रैक से उतरी यूरिया खाद को जिले के सभी प्रमुख डबल लॉक केंद्रों और सहकारी समितियों में पारदर्शी तरीके से आवंटित कर दिया गया है:
| वितरण केंद्र/समिति का नाम | आवंटित यूरिया की मात्रा (मीट्रिक टन में) |
| बहोरीबंद डबल लॉक केन्द्र | 90 मीट्रिक टन |
| मझगवां बड़वारा डबल लॉक केन्द्र | 90 मीट्रिक टन |
| बरही डबल लॉक केन्द्र | 90 मीट्रिक टन |
| स्लीमनाबाद डबल लॉक केन्द्र | 60 मीट्रिक टन |
| जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कटनी | 161 मीट्रिक टन |
| CMS कटनी और CMS उमरियापान ढीमरखेड़ा | 30-30 मीट्रिक टन |
| एमपी एग्रो कटनी (MP Agro) | 30 मीट्रिक टन |
| CMS बाकल, CMS स्लीमनाबाद व CMS ढ़ीमरखेड़ा | 25-25 मीट्रिक टन |
कालाबाजारी पर लगेगा ताला: बिना ‘ई-टोकन’ के नहीं मिलेगी खाद
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने खाद वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने और बिचौलियों व कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं: झुकेही पहुंची 656 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया की रैक; कलेक्टर का सख्त आदेश- केवल ‘ई-टोकन’ से ही बंटेगी खाद
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सॉफ्टवेयर तय करेगा मात्रा: जिले में बिना ई-टोकन (E-Token) के खाद का वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसान की जमीन (खसरा नंबर) और उसके द्वारा बोई गई वास्तविक फसल के रकबे के आधार पर सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा कि किस किसान को कितनी खाद मिलनी चाहिए। इससे जरूरत से ज्यादा भंडारण पर रोक लगेगी।
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ऑनलाइन देख सकेंगे स्टॉक: अब किसान भाई घर बैठे ही सरकारी पोर्टल पर लाइव देख सकेंगे कि किस केंद्र पर कितनी खाद का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उन्हें केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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यहाँ से मिलेगा ई-टोकन: किसान अपनी सुविधानुसार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स), डबल लॉक केंद्रों, अधिकृत निजी विक्रेताओं, एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आसानी से अपना ई-टोकन जेनरेट करवा सकते हैं।
बिना ई-टोकन खाद बेचने पर होगी जेल; संतुलित उपयोग की अपील
शासन ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी सरकारी सहकारी समिति या निजी खाद विक्रेता बिना वैध ई-टोकन के यूरिया या अन्य खाद बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत बेहद कठोर दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, जिला कृषि विभाग ने कटनी के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल संतुलित मात्रा में ही उर्वरकों का छिड़काव करें। खेतों में जरूरत से ज्यादा यूरिया झोंकने से न केवल खेती की लागत बेकार में बढ़ती है, बल्कि भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति (Soil Health) को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
-यशभारत डॉट कॉम
