पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में सिरफिरे सहपाठी ने कशिश को चाकू से गोदकर मार डाला; मार्च में दी गई शिकायत पर एक्शन लेती प्रिंसिपल, तो बच जाती जान

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में सिरफिरे सहपाठी ने कशिश को चाकू से गोदकर मार डाला; मार्च में दी गई शिकायत पर एक्शन लेती प्रिंसिपल, तो बच जाती जान

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में सिरफिरे सहपाठी ने कशिश को चाकू से गोदकर मार डाला; मार्च में दी गई शिकायत पर एक्शन लेती प्रिंसिपल, तो बच जाती जान

पीलीभीत/बरेली: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एक बेहद झकझोर देने वाली और कानून-व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष के बाहर एक सिरफिरे छात्र ने अपनी ही सहपाठी छात्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका की पहचान बरेली के भुता (केसरपुर गांव) की रहने वाली कशिश पटेल (20) के रूप में हुई है, जो मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

इस वारदात ने न केवल मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था, बल्कि कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही और कार्यप्रणाली पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मार्च में दी थी लिखित शिकायत, लेकिन सोता रहा कॉलेज प्रशासन

इस दर्दनाक हत्याकांड के बाद कॉलेज के छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। सहपाठियों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया:

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यह खौफनाक वारदात मंगलवार सुबह उस समय हुई जब कशिश अस्पताल में ड्यूटी पर थी:

एकतरफा प्यार की सनक और कशिश की खामोशी

सहपाठियों के अनुसार, कशिश बेहद शांत और सरल स्वभाव की थी। पहले कशिश और सागर में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन जब कशिश को अहसास हुआ कि सागर एकतरफा प्यार में सीमाएं लांघ रहा है, तो उसने फरवरी के बाद से उससे पूरी तरह बातचीत बंद कर दी थी। बातचीत बंद होने से बौखलाए सागर ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला। कशिश गले की तकलीफ के चलते 10 दिन की छुट्टी मनाकर 4 दिन पहले ही कॉलेज लौटी थी। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में सिरफिरे सहपाठी ने कशिश को चाकू से गोदकर मार डाला; मार्च में दी गई शिकायत पर एक्शन लेती प्रिंसिपल, तो बच जाती जान

कॉलेज में पहले भी दबाए जा चुके हैं प्रताड़ना के मामले

गुस्साए छात्रों ने खुलासा किया कि कॉलेज परिसर में प्रताड़ना का यह पहला मामला नहीं है।

कुछ महीने पहले भी सिद्धार्थनगर की रहने वाली पैरामेडिकल प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने कॉलेज स्टाफ की हरकतों से परेशान होकर जहर खा लिया था। तीन दिन तक चले इलाज के बाद उसकी जान तो बच गई, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उस मामले को भी पुलिस तक ले जाने के बजाय रफा-दफा कर दबा दिया था।

पुलिस का क्या कहना है?

पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक (SP) सुकीर्ति माधव ने बताया कि पूरी वारदात अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। कानपुर के रहने वाले मुख्य आरोपी सागर सिंह को हिरासत में ले लिया गया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। वहीं, कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. अरुण का कहना है कि मुख्य प्रधानाचार्य के छुट्टी से लौटने और विस्तृत जांच के बाद ही इस लापरवाही पर कुछ कहा जा सकेगा।

– यशभारत डॉट कॉम

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