कानपुर में सनसनी: PPN कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, कमरे में मिला खून से लथपथ शव
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित बसंत विहार इलाके में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पंडित पृथ्वीनाथ (PPN) कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह का शव उनके कमरे में खून से लथपथ हालत में पाया गया. शुरुआती पुलिस तफ्तीश और परिस्थितियों के अनुसार, उन्होंने अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंच गई और साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं. हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
देर रात आई थी धमाके की आवाज, सुबह दरवाजा तोड़ा तो खुला राज
मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात देर रात ही घटित हो गई थी:
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रोज की तरह सोए थे आलोक: 50 वर्षीय आलोक सिंह बसंत विहार स्थित अपने पैतृक मकान में पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते थे. उनके पिता का ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार है, जिसमें आलोक भी हाथ बंटाते थे. मंगलवार रात वह काम से लौटकर परिवार के साथ खाना खाकर पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में सोने चले गए थे.
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अनदेखी कर गया परिवार: देर रात परिजनों को एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी, लेकिन उन्होंने इसे कोई सामान्य आवाज समझकर नजरअंदाज कर दिया.
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सुबह टूटा दरवाजा: बुधवार सुबह जब काफी देर तक आलोक कमरे से बाहर नहीं निकले, तो परिजनों ने आवाज लगाई. कोई जवाब न मिलने पर जब दरवाजा तोड़ा गया, तो भीतर आलोक का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था, जिसे देख परिवार में चीख-पुकार मच गई.
लखनऊ में अलग रहती हैं पत्नी और बेटियां, मानसिक तनाव में थे आलोक
पारिवारिक पृष्ठभूमि और आत्महत्या की संभावित वजहों को लेकर कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं:
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1999 में रहे छात्रसंघ अध्यक्ष: आलोक सिंह वर्ष 1999 में PPN कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे और इलाके की राजनीति व सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय थे. कानपुर में सनसनी: PPN कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, कमरे में मिला खून से लथपथ शव
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अकेलेपन का दर्द: परिजनों के अनुसार, आलोक की पत्नी विनीता पिछले कुछ समय से अपनी दोनों बेटियों के साथ लखनऊ में अलग रह रही हैं. उनकी बड़ी बेटी मर्चेंट नेवी में नौकरी करती है, जबकि छोटी बेटी लखनऊ में ही रहकर 12वीं की पढ़ाई कर रही है.
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तनाव में बीत रहे थे दिन: परिवार का कहना है कि घर में कोई आपसी विवाद तो नहीं था, लेकिन पत्नी और बच्चों के दूर रहने के कारण आलोक पिछले काफी समय से गहरे मानसिक तनाव (Depression) से गुजर रहे थे.
लखनऊ से कानपुर पहुंचीं बेटियां; पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पिता की मौत की खबर मिलते ही दोनों बेटियां लखनऊ से भागती हुई कानपुर पहुंचीं, जिसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पर कोहराम मच गया. आलोक के रसूख को देखते हुए कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और परिचित भी ढांढस बंधाने पहुंचे.
नौबस्ता थाना पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए पारिवारिक, मानसिक और सामाजिक समेत सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह का खुलासा हो सकेगा.
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