नई दिल्ली: भारतीय डाक विभाग का ऐतिहासिक प्रदर्शन: डिजिटल युग में 15,296 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व। आज के डिजिटल दौर में जहां लोग WhatsApp, Telegram और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से संदेश भेज रहे हैं, वहीं पारंपरिक डाक सेवा का उपयोग काफी कम हो गया है। इसके बावजूद भारतीय डाक विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है और इतिहास दर्ज किया है।
भारतीय डाक विभाग का ऐतिहासिक प्रदर्शन: डिजिटल युग में 15,296 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में डाक विभाग ने 15,296 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 13,218 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
सिंधिया ने बताया कि यह उपलब्धि विभाग की कार्यशैली में बदलाव, सेवाओं के विस्तार और नए ग्राहकों को जोड़ने की रणनीति का परिणाम है। विभाग द्वारा सिक्स सिग्मा स्तर के सेवा मानकों को लागू किया जा रहा है, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह वर्ष डाक विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा है और लंबे समय बाद 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग ने इस दौरान तीन नए उत्पाद भी लॉन्च किए हैं, जिससे उसकी सेवाओं का दायरा और बढ़ा है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वित्त वर्ष में भी इसी तरह की वृद्धि जारी रखी जाए और डाक विभाग को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। भारतीय डाक विभाग का ऐतिहासिक प्रदर्शन: डिजिटल युग में 15,296 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व

