महिला बाल विकास विभाग में ‘RTI’ पर रण: वकील और अधिकारी के बीच तीखी झड़प, अधिकारी बोले- क्या मुझे मारोगे?, वीडियो हुआ वायरल
महिला बाल विकास विभाग में ‘RTI’ पर रण! वकील और अधिकारी के बीच तीखी झड़प, अधिकारी बोले- क्या मुझे मारोगे?, वीडियो हुआ वायरल। सरकारी दफ्तरों में आरटीआई के जरिए जानकारी मांगना कभी-कभी कितना विवादित हो सकता है, इसकी बानगी सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में देखने को मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय अनियमितताओं की जानकारी मांगने पहुंचे अधिवक्ता शंभू गोस्वामी और जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय के बीच जमकर बहस हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है।
कटनी में चना-मसूर खरीदी की रफ्तार तेज: अब तक 916 मीट्रिक टन उपज की हुई खरीद; जानें क्या है नया समर्थन मूल्य और भुगतान की स्थिति
महिला बाल विकास विभाग में ‘RTI’ पर रण! वकील और अधिकारी के बीच तीखी झड़प, अधिकारी बोले- क्या मुझे मारोगे?, वीडियो हुआ वायरल
विवाद की जड़: ₹1.66 लाख का ‘नोटिस’
पूरा मामला आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता शंभू गोस्वामी द्वारा मांगी गई सूचनाओं से जुड़ा है विभाग ने वकील द्वारा मांगी गई विस्तृत जानकारी के एवज में करीब एक लाख 66 हजार रुपये जमा कराने का नोटिस थमाया था। सोमवार को अधिवक्ता गोस्वामी ₹1.66 लाख नगद लेकर सीधे डीपीओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों से पैसे लेकर जानकारी देने को कहा। कर्मचारियों और अधिकारियों ने नगद राशि लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विवाद गहरा गया।
जब अधिकारी ने आगे कर दिया अपना कॉलर!
बहस इतनी बढ़ गई कि चेंबर के बाहर तक आवाजें गूंजने लगीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि वकील जब तेज आवाज में चिल्लाने लगे, तो जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय अपनी कुर्सी से उठकर उनके पास आए।उन्होंने अपना कॉलर आगे करते हुए अधिवक्ता से कहा- “क्या मुझे मारोगे?” वकील ऑफिस के बाहर परिसर में अपनी बात रखते हुए चिल्लाते रहे, जबकि अधिकारी वापस अपने चेंबर में चले गए।
दोनों पक्षों की अपनी दलीलें
अधिवक्ता शंभू गोस्वामी: “मैं मांगी गई राशि लेकर पहुंचा था, लेकिन कर्मचारियों ने पैसे लेने से मना कर दिया। जब मैंने दस्तावेजों के अवलोकन (Inspection) की बात की, तो अधिकारी अभद्रता पर उतर आए।” वकील साहब को समझाया गया था कि आरटीआई की भारी राशि जमा करने का एक तय सरकारी प्रावधान है। वह जबरन नगद देने पर अड़े थे और हंगामा करने लगे।”
प्रशासनिक हलकों में चर्चा
इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज है। विभाग के भीतर मची इस रार और वायरल वीडियो ने सूचना के अधिकार की प्रक्रियाओं और अधिकारियों के व्यवहार पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, किसी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

