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इंदौर में 617 नव आरक्षकों का भव्य दीक्षांत समारोह, DGP कैलाश मकवाणा बोले- ‘पुलिस की वर्दी केवल अधिकार नहीं, जनता के विश्वास का प्रतीक’

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इंदौर में 617 नव आरक्षकों का भव्य दीक्षांत समारोह, DGP कैलाश मकवाणा बोले- ‘पुलिस की वर्दी केवल अधिकार नहीं, जनता के विश्वास का प्रतीक’

इंदौर: मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल (SAF) के गौरवशाली इतिहास में मंगलवार को एक और नया अध्याय जुड़ गया। इंदौर स्थित रुस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (RAPTC) परिसर में आरएपीटीसी और 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के नव आरक्षकों का संयुक्त दीक्षांत परेड समारोह अत्यंत भव्य और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।

इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाणा उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SAF मुख्यालय, भोपाल) श्री चंचल शेखर द्वारा की गई।

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617 नव आरक्षकों ने ली देश और संविधान की शपथ

पुलिस महानिरीक्षक श्री चन्द्रशेखर सोलंकी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 617 नव आरक्षकों ने देश, संविधान और जनसेवा के प्रति पूर्ण निष्ठा की शपथ ली। इसमें आरएपीटीसी इंदौर के 482 और 15वीं वाहिनी के 135 जवान शामिल हैं।

दीक्षांत परेड के बाद जवानों ने साइलेंट ड्रिल, पीटी डिस्प्ले, यूएसी (Unarmed Combat) और अश्वरोही दल (Equestrian) के साथ बेहतरीन हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिसने वहां मौजूद सभी का मन मोह लिया। बीएसएफ और एसएएफ के बैंड्स की धुनों ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

के.एफ. रुस्तमजी की विरासत से लें प्रेरणा: डीजीपी

नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के संकल्प का उत्सव है। उन्होंने याद दिलाया कि इस संस्थान का नाम मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संस्थापक के.एफ. रुस्तमजी के नाम पर रखा गया है, जिनकी कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश के लिए मिसाल है।

डीजीपी का मुख्य संदेश: पुलिस की वर्दी केवल अधिकार या शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सेवा, संवेदना, साहस और जनता के विश्वास का प्रतीक है। जब कोई पीड़ित पुलिस के पास आए, तो उसे वर्दी में कठोरता नहीं, बल्कि सुरक्षा, सहानुभूति और न्याय का भरोसा दिखना चाहिए।

तनाव प्रबंधन के लिए ‘हार्टफुलनेस’ से समझौता

डीजीपी ने पुलिसिंग की आधुनिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पुलिस की जिम्मेदारियाँ अत्यंत तनावपूर्ण हैं। जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने ‘हार्टफुलनेस संस्था’ के साथ एमओयू (MoU) किया है, जिसके तहत थानों और वाहिनियों में ध्यान एवं योग आधारित कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव ड्यूटी में जवानों ने बचाई जान

विशेष सशस्त्र बल के पराक्रम की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि चंबल में दस्यु उन्मूलन से लेकर नक्सल क्षेत्रों तक एसएएफ की भूमिका बेमिसाल रही है। उन्होंने हाल ही की एक घटना का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल चुनाव ड्यूटी के दौरान मतदान केंद्र पर हार्ट अटैक से पीड़ित एक अधिकारी को एसएएफ के सीपीआर (CPR) प्रशिक्षित जवानों ने तत्काल प्राथमिक सहायता देकर उनकी जान बचाई, जो पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।इंदौर में 617 नव आरक्षकों का भव्य दीक्षांत समारोह, DGP कैलाश मकवाणा बोले- ‘पुलिस की वर्दी केवल अधिकार नहीं, जनता के विश्वास का प्रतीक’

समारोह में ये दिग्गज रहे मौजूद

इस गौरवपूर्ण अवसर पर इंदौर पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) श्री संतोष सिंह, ग्रामीण आईजी श्री अनुराग, एसएएफ आईजी श्री अमित सिंह, बीएसएफ आईजी श्री तेजिन्दर सिंह सिद्धू, आरएपीटीसी डीआईजी श्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और जवानों के गौरवान्वित परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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