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FIIs ने निकाले ₹1 लाख करोड़, फिर भी इन 10 शेयरों पर लगाया बड़ा दांव! जानें कहां बढ़ा विदेशी निवेश

नई दिल्ली: FIIs ने निकाले ₹1 लाख करोड़, फिर भी इन 10 शेयरों पर लगाया बड़ा दांव! जानें कहां बढ़ा विदेशी निवेश।मार्च तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से भारी बिकवाली की है। आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने इस दौरान ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की निकासी की। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने कुछ चुनिंदा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक अब पूरे बाजार की बजाय खास शेयरों पर फोकस कर रहे हैं।

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FIIs ने निकाले ₹1 लाख करोड़, फिर भी इन 10 शेयरों पर लगाया बड़ा दांव! जानें कहां बढ़ा विदेशी निवेश

विश्लेषण के अनुसार, FIIs ने कम से कम 10 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 2% से अधिक बढ़ाई है। रिटेल, फाइनेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली है।

बिकवाली के पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और जियो-पॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड करीब 4.5% तक है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी ने भी विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर असर डाला है।

इसके बावजूद कुछ कंपनियों में FIIs का भरोसा बना हुआ है। विशाल मेगा मार्ट में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 22% हो गई है। वहीं होम फर्स्ट फाइनेंस कंपनी इंडिया में 45.72% और मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज में 47.88% हिस्सेदारी दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि रिटेल और हाउसिंग सेक्टर में लंबी अवधि की ग्रोथ की उम्मीद बरकरार है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी निवेश बढ़ा है। APL अपोलो ट्यूब्स, क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी और UPL लिमिटेड जैसे शेयरों में हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है। इसके अलावा द ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज और टाटा एलेक्सी में भी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब FIIs की रणनीति बदल रही है। वे पूरे बाजार में निवेश करने के बजाय मजबूत फंडामेंटल और बेहतर ग्रोथ संभावनाओं वाली कंपनियों को चुन रहे हैं। भारत के मुकाबले साउथ कोरिया और ताइवान जैसे बाजार फिलहाल ज्यादा आकर्षक नजर आ रहे हैं, जिससे निवेश का रुख थोड़ा बदला है।

आने वाले समय में FIIs का रुख काफी हद तक वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगा। अगर स्थिति सामान्य होती है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। फिलहाल, संकेत यही है कि चुनिंदा शेयरों में निवेश के अवसर अभी भी मौजूद हैं।

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम