देवास शराब माफिया कांड: चेकिंग के दौरान खातेगांव TI दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलकर हत्या; 298 पेटी अवैध शराब जब्त, मुख्य आरोपी कैरम सिंह गिरफ्तार और CM का बड़ा ऐलान

देवास शराब माफिया

 


मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। देवास शराब माफिया के अवैध कारोबार का विरोध करने और चेकिंग के दौरान हरदा-नेमावर हाईवे पर खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को एक आयशर वाहन के ड्राइवर ने कुचल दिया, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है।

मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा: इस tragic घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद TI दिलीप पुरी के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (सम्मान निधि) और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

घटना की पूरी रात की कहानी

रविवार देर रात करीब 2 बजे पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि हरदा की तरफ से अवैध शराब से भरा एक संदिग्ध वाहन इंदौर के रास्ते गुजरात की ओर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने पांच से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया था।

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कन्नौद, सतवास और खातेगांव थानों के पुलिसकर्मी लगातार संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे थे। हरदा-नेमावर हाईवे पर जैसे ही संदिग्ध आयशर वाहन रुका, खातेगांव टीआई दिलीप पुरी ड्राइवर को पकड़ने के लिए आगे बढ़े। ड्राइवर और टीआई के बीच झूमाझटकी हुई, जिसके बाद बेरहम ड्राइवर ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वाहन को तेजी से आगे बढ़ा दिया। इस दौरान टीआई नीचे गिर गए और वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।

मुख्य आरोपी कैरम सिंह की गिरफ्तारी और 298 पेटी शराब बरामद

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त एक्शन लेते हुए आलीराजपुर जिले के बेहडवा गांव से मुख्य आरोपी और शराब माफिया कैरम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वह अपनी कार से शराब से भरे ट्रक के आगे-आगे चलकर पायलट (रेकी) कर रहा था।

  • वाहन का नंबर: MP 43 H 4786
  • बरामद शराब: आबकारी विभाग और पुलिस जांच में गाड़ी के भीतर एक गुप्त कंपार्टमेंट (Hidden Compartment) मिला, जिससे कुल 298 पेटी अवैध शराब बरामद की गई।
  • शराब का स्रोत: प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह अवैध शराब खरगोन की ब्रेवरीज से जुड़ी है और इसके पास कोई वैध ट्रांसपोर्ट परमिट नहीं था।

टिमरनी सिंडिकेट और राजनीतिक कनेक्शन की जांच

इस हाई-प्रोफाइल मामले में टिमरनी क्षेत्र का शराब कारोबार भी जांच के घेरे में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, जब्त वाहन में शराब टिमरनी क्षेत्र की दुकानों से लोड की गई थी, जिसके लाइसेंसी बड़वानी के बताए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में टिमरनी निवासी एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसके राजनीतिक संबंधों की चर्चा भी जोरों पर है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे सिंडिकेट के हर एक चेहरे को बेनकाब करने में जुटा हुआ है।

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शहीद TI दिलीप पुरी का जीवन परिचय

कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले TI दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के सब-इस्पेक्टर (उप-निरीक्षक) थे। अपनी सेवा के दौरान वे इंदौर के हीरानगर और चंदननगर जैसे संवेदनशील थानों में भी जिम्मेदारी निभा चुके थे। वे मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। उनकी शहादत पर पूरे पुलिस प्रशासन और क्षेत्रवासियों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

FAQ – मुख्य सवाल और जवाब

Q1. देवास में खातेगांव TI की मौत कैसे हुई?

उत्तर: हरदा-नेमावर हाईवे पर अवैध शराब की तस्करी रोक रहे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को संदिग्ध आयशर वाहन के ड्राइवर ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

Q2. इस मामले में सरकार की ओर से क्या घोषणा हुई है?

उत्तर: मुख्यमंत्री ने शहीद TI के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि और अनुकंपा नियुक्ति (सरकारी नौकरी) देने की घोषणा की है।

Q3. इस मामले में कौन मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

उत्तर: शराब माफिया कैरम सिंह को आलीराजपुर से गिरफ्तार किया गया है, जो अपनी कार से ट्रक की रेकी कर रहा था।

Q4. गाड़ी से कितनी शराब जब्त हुई है?

उत्तर: वाहन के गुप्त कंपार्टमेंट से करीब 298 पेटी अवैध शराब बरामद की गई है।