40 टन कोयले के नीचे 9 घंटे तक दबा रहा कंडक्टर, घोरचत्र नदी के पास खाई में पलटा ट्रक; रेस्क्यू कर निकाला बाहर

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कटनी/पाली। शहडोल से कटनी की ओर आ रहा कोयले से भरा एक भारी ट्रक घोरचत्र नदी के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई जैसे स्थान में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का केबिन नीचे की ओर धंस गया और पीछे का डाला ऊपर की तरफ खड़ा हो गया। इसके चलते डाले में भरा 40 टन से अधिक कोयला सीधे केबिन के ऊपर आ गिरा। ट्रक में सवार ड्राइवर और कंडक्टर कोयले के बीच फंस गए।

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शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद क्रेन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कंडक्टर को बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन गया। वह कोयले के भारी ढेर में बुरी तरह दबा हुआ था। आखिरकार करीब नौ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह लगभग आठ बजे उसे बाहर निकाला जा सका। कंडक्टर को अचेत अवस्था में उपचार के लिए पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

 

अनियंत्रित होकर खाई में गिरा ट्रक, केबिन के बल खड़ा हुआ वाहन

 

जानकारी के अनुसार कोयले से लदा ट्रक शहडोल से कटनी की ओर जा रहा था। इसी दौरान घोरचत्र नदी के ठीक पहले चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। ट्रक सड़क किनारे खाई जैसे स्थान में जा गिरा। वाहन की स्थिति ऐसी हो गई कि उसका अगला हिस्सा यानी केबिन नीचे की ओर चला गया, जबकि पीछे का डाला ऊपर की तरफ खड़ा हो गया।

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इस असामान्य स्थिति के कारण ट्रक में भरा पूरा कोयला केबिन के ऊपर आकर जमा हो गया। हादसे के बाद दोनों कर्मचारी वाहन में फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू कराया और क्रेन बुलवाकर ट्रक में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की गई।

 

दो घंटे में बाहर निकाला गया ड्राइवर, नौ घंटे तक कोयले में फंसा रहा कंडक्टर

 

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे पहले ड्राइवर भगवान दास को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद रेस्क्यू टीम का पूरा ध्यान कंडक्टर राजाराम को बाहर निकालने पर केंद्रित हो गया।

 

कंडक्टर राजाराम ट्रक में ड्राइवर के विपरीत दिशा में था और कोयले के भारी ढेर में बुरी तरह दबा हुआ था। कोयले की बड़ी मात्रा और ट्रक की खतरनाक स्थिति के चलते उसे बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। बचाव दल को एक-एक करके कोयला हटाते हुए उस तक पहुंचने का प्रयास करना पड़ा।

 

काफी मशक्कत के बाद रविवार सुबह करीब आठ बजे कंडक्टर को बाहर निकाला जा सका। वह उस समय अचेत अवस्था में था। तत्काल उसे उपचार के लिए पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

 

नौ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, हादसे के बाद जुटे स्थानीय लोग

 

हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों ने रात से ही बचाव कार्य में सहयोग किया। ट्रक की स्थिति और केबिन के ऊपर जमा भारी मात्रा में कोयले के कारण रेस्क्यू में काफी समय लगा। ड्राइवर को निकालने के बाद कंडक्टर तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती रहा।

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करीब नौ घंटे तक चले इस बचाव अभियान के बाद कंडक्टर को बाहर निकालने में सफलता मिली। फिलहाल घायल कंडक्टर का उपचार पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। हादसे के कारणों और आगे की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।