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Dhar Navratri: सिंघाना में मां हरसिद्धि तीन स्वरूप में देती हैं दर्शन

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Dhar Navratri: सिंघाना में मां हरसिद्धि तीन स्वरूप में देती हैं दर्शन । सिंघाना गांव को चार कुंड चौरासी बावड़ी साढ़े बारह हनुमान की नगरी के नाम से जाना जाता है। मनावर रोड पर मां हरसिद्धि शक्तिपीठ का अतिप्राचीन पत्थरों से निर्मित मंदिर के गर्भगृह में मां हरसिद्धि व सरस्वती मां विराजित हैं। बाहर प्रांगण में गणेशजी, हनुमानजी, भैरवजी, मनोकामेश्वर महादेव व मां की पादुका हैं।

 

मंदिर प्रांगण में बाग एवं मांडू गुफा मार्ग का द्वार

भक्त दिलीप राठौड़ ने बताया कि मंदिर प्रांगण में बाग एवं मांडू गुफा मार्ग का द्वार बना हुआ है। महाभारत युद्ध के अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने कई दिन इसी मंदिर में गुजारे थे। मंदिर से 14 किलोमीटर दूर मां नर्मदा का जल लाकर माताजी का जलाभिषेक कर पूजा पाठ से सिद्धि प्राप्त की थी। माताजी चमत्कारी हैं व तीन स्वरूप में दर्शन देती हैं।

 

तीन रूप में होते हैं दर्शन

प्रातः बाल्यवस्था, दोपहर युवावस्था तथा शाम को वृद्धावस्था में मां के दर्शन हाेत हैं। नवरात्र में मालवा, निमाड़, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि क्षेत्रों के भक्त दर्शनार्थ आते हैं। मां हरसिद्धि कई परिवारों की कुलदेवी हैं। मंदिर पुजारी पंडित शेखर पांडे ने बताया कि मां के दरबार में अष्टमी को महायज्ञ की पूर्णाहुति कर छप्पन भोग की महाप्रसादी वितरण की जाती है। चुनरी यात्रा भी निकलती है। अष्टमी की रात्रि को मंदिर को फूल बंगला से श्रृंगारित किया जाता है। दशहरे के बाद भंडारा होता है।

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