Saturday, April 25, 2026
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DAVV में गड़बड़ी की आशंका, हेरफेर कर जारी हो रहे रिव्यू रिजल्ट

इंदौर। विवि द्वारा घोषित पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका सही साबित होती दिख रही है। प्रक्रिया को दरकिनार कर पूरे 13 महीने से रिजल्ट जारी किए जा रहे हैं। आलम यह है कि उपकुलसचिव गोपनीय ने बीते साल की शुरुआत से अब तक रिव्यू के किसी भी नतीजे पर साइन नहीं किए हैं। गड़बड़ी की ये बात विवि ने कागजों पर अब खुद ही कबूल कर ली है।

विवि के केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र में रिव्यू के नाम पर रिजल्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप अरसे से लग रहे हैं। 7 फरवरी को विवि ने सूचना के अधिकार में दी गई जानकारी में कबूल किया है कि रिव्यू के रिजल्ट जारी करने में नियमानुसार तय प्रक्रिया को नहीं अपनाया जा रहा है। यह भी जानकारी दी है कि इस तरह से रिजल्ट बीते वर्ष यानी जनवरी 2017 से जारी किए जा रहे हैं। व्हिसल ब्लोअर पंकज प्रजापति ने रिव्यू रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया और गोपनीय विभाग की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी थी।

होना यह चाहिए

सूचना के अधिकार के तहत विवि ने जानकारी दी है कि रिव्यू के रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया कार्यपरिषद ने निर्धारित कर 13 फरवरी 2012 को अधिसूचना जारी की थी। इसके मुताबिक, छात्र रिव्यू का आवेदन तय फीस के साथ करेगा। आवेदन के बाद उसे कॉपी दिखाई जाएगी। आपत्ति के आधार पर कॉपी परीक्षक के पास भेजी जाएगी। परीक्षक की रिपोर्ट परीक्षा समिति के पास भेजी जाएगी। समिति इस पर निर्णय देगी फिर रिजल्ट जारी हो सकेगा।

हो यह रहा है

जानकारी में विवि ने कबूल किया है कि जनवरी 2017 से गोपनीय विभाग के उपकुलसचिव को इस प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। यानी न तो नियमानुसार मूल्यांकन केंद्र से उपकुलसचिव गोपनीय के पास अंक आ रहे हैं। न गोपनीय विभाग परीक्षा समिति से रिजल्ट की जांच करवा रहा है। सीधे परीक्षा नियंत्रक, कुलपति के अनुमोदन के बाद रिजल्ट जारी किए जा रहे हैं।

गोपनीय विभाग रोकता था गड़बड़ी

दरअसल, रिव्यू के नतीजों से गोपनीय विभाग को अलग करने से पूरे परिणाम में गड़बड़ी की छूट मिल जाती है। यदि मुख्य परीक्षा में फेल किसी छात्र के अंक रिव्यू में बढ़ते हैं तो गोपनीय विभाग की परीक्षा समिति उसकी जांच करवाती है। ऐसे में गलत तरीके से बढ़ाए गए अंकों का पता चल जाता है। बीते समय ऐसे कई रिजल्ट रोक दिए गए थे। नतीजा गोपनीय विभाग को अलग कर दिया। यानी सीे मूल्यांकन केंद्र से ओएसडी लेवल पर जो भी अंक भेजे जाते हैं वे बिना रोकटोक रिजल्ट बनाकर जारी कर दिए जाते हैं।

मुझे नहीं पता प्रक्रिया

मुझे नहीं पता रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया क्या है। आपने पता कर ली है तो बता देना –प्रो.नरेंद्र धाकड़, कुलपति, देवी अहिल्या विवि

शिकायत की है

13 महीनों से प्रक्रिया का उल्लंघन चल रहा है यानी सब जानबूझकर हो रहा है। कुलापिति के साथ एसटीएफ को भी दस्तावेज शिकायत के साथ भेज दिए गए हैं – पंकज प्रजापति, व्हीसल ब्लोअर

ये गड़बिड़यां हो चुकी हैं उजागर

  • सांवेर कॉलेज में शिकायती को पास करवाने के ऐवज में शिक्षक ने पैसों के साथ अवांछित मांग की

  • इंडेक्स कॉलेज की छात्रा ने परीक्षा नियंत्रक को शिकायत की कि बिना आवेदन उसके अंक बढ़ा दिए गए

  • बीबीए थर्ड सेमेस्टर के एक नतीजे में विशेषज्ञ ने दिए 7 अंक रिजल्ट में हुए 60

  • स्पोर्ट्स टीचर को ओएसडी बनाया गया, मूल्यांकन केंद्र में उसके पास खाली कॉपियां बरामद हुई

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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