Thursday, April 30, 2026
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Coronavirus in India: अब कोरोना से निपटने के लिए युद्धस्तर की तैयारियों में जुटा रेलवे, ट्रेन के डिब्बे बनेंगे आइसोलेशन वार्ड

नई दिल्ली। कोविड-19 संकट से निपटने के लिए रेलवे अपने स्तर पर तमात प्रकार की तैयारियां कर रहा है। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के पालन लिए आवश्यक वस्तुओं के दुकानदारों को अपनी जमीन उपलब्ध कराने, कारखानो व कार्यशालाओं में कोरोना से बचाव के लिए मास्क और सेनेटाइजर आदि का उत्पादन करना शामिल है। यात्री ट्रेनों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

कोरोना से निपटने के लिए जहां कुछ उपायों का ऐलान रेलवे बोर्ड की ओर से किया जा रहा है। वहीं कुछ उपायों पर जोनल महाप्रबंधकों तथा मंडल प्रबंधकों को स्वयं निर्णय लेने के लिए कहा गया है। इसके तहत दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्टेशनों के पास की जमीन स्थानीय सब्जी विक्रेताओं को उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे एक जगह दुकान सजाने और भीड़ इकट्ठा करने के बजाय दूर-दूर बैठकर जरूरतमंदों को लाइन में सब्जियां बेच सकें। रेल मंत्रालय के अनुसार गुंटकल में ऐसा किया गया है।

बंद पड़े रेल कारखानों में मास्क और सेनेटाइजर का होगा उत्पादन

इसी प्रकार बंद पड़े रेल कारखानों का उपयोग रूटीन गतिविधियों के बजाय रेलवे में उपयोग के लिए मास्क और सेनेटाइजर आदि के उत्पादन में करने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। कुछ रेलवे वर्कशॉप में इनका उत्पादन शुरू भी किया जा चुका है। आसनसोल के अंडाल डीजल शेड ने 500 लीटर तो जोधपुर तथा फिरोजपुर डिवीजन ने ढाई-ढाई लीटर सस्ता सेनेटाइजर तैयार किया है। इसके अलावा रेल फैक्ट्रियों में कोरोना जांच की किट तैयार करने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। युद्ध के दौरान वंदे भारत का निर्माण करने वाली चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) में हथियारों तथा जमालपुर वर्कशॉप में स्ट्रेचर, वेंटिलेटर और बेड का उत्पादन पहले हो भी चुका है।

बेकार खड़ी यात्री ट्रेनों और उनके डिब्बों में बनेंगे कोरोना आइसोलेशन वार्ड

बेकार खड़ी यात्री ट्रेनों और उनके डिब्बों को कोरोना आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने की भी तैयारी हो रही है। हालांकि, रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता राजेश वाजपेयी के अनुसार, इस विषय में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। परंतु संभावनाएं खुली हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर रेलवे लगभग 20 हजार कोच को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर सकता है। प्रत्येक कोच में चार टॉयलेट के हिसाब से दो से चार लोगों को रखा जा सकता है।

स्टेशनों और ट्रेनों को किया जा रहा सेनेटाइज

इस बीच रेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों को सैनेटाइज करने का अभियान छेड़ दिया गया है। रेल मंत्रालय की ओर से इस संबंध में पटना जंक्शन, अहमदाबाद, त्रिवेंद्रम समेत कुछ स्टेशनों के वीडियो शेयर किए गए हैं। सेनेटाइज करने के लिए डब्लूएचओ तथा एफडीए द्वारा अनुमोदित सर्फेस व एन्वायरन्मेंट डिसइन्फेक्टेंट्स का थर्मल और कोल्ड फॉगिंग मशीनों के जरिए स्प्रे किया जा रहा है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम