Coronavirus in Gwalior : इंदौर की कोरोना पॉजिटिव नर्स ने छिपाई जानकारी, डॉक्टर-नर्स सहित 50 क्वारंटाइन
ग्वालियर । Coronavirus in Gwalior : जयारोग्य अस्पताल की स्टाफ नर्स के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है। प्रबंधन का तर्क है कि नर्स ने इंदौर से आने की जानकारी छिपाई थी। वहीं खबर है कि स्टाफ नर्स जब ज्वाइनिंग देने पहुंचीं तो मेट्रन मौजूद ही नहीं थी। प्रभारी मेट्रन ने ज्वाइनिंग लेकर ड्यूटी भी लगा दी थी।
उधर स्टाफ नर्स एवं प्रबंधन की लापरवाही के कारण डॉक्टर, नर्स सहित 50 लोग क्वारंटाइन में पहुंचने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। ट्रामा सेंटर को तो तीन दिन के लिए बंद ही कर दिया गया है। दिलचस्प बात ये है कि प्रबंधन ने अब तक नर्स या मेट्रन के खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं की है।
जयारोग्य अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स 4 अप्रैल को लॉकडाउन के बीच ग्वालियर आई थी। उसने 5 अप्रैल को जेएएच में मेट्रन कार्यालय में पहुंचकर ज्वाइनिंग भी दर्ज करा दी थी। 5 एवं 6 अप्रैल को स्टाफ नर्स ने ट्रामा सेंटर में ड्यूटी भी कर ली। अब जब 7 अप्रैल को स्टाफ नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अस्पताल प्रबंधन के होश उड़ गए। मेट्रन से लेकर प्रबंधक तक अपने हाथ बचाने में लगा हुआ है।
जेएएच अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा की मानें तो मेट्रन से जब पूछताछ की तो उनका कहना था कि स्टाफ नर्स ने इंदौर से आने की जानकारी छिपाई थी। वहीं सूत्रों की मानें तो जब स्टाफ नर्स ज्वाइनिंग देने पहुंचीं तो मेट्रन शशि उप्पल मौजूद ही नहीं थीं। उनकी जगह दो प्रभारी मेट्रन सुनीता राजपूत एवं कुसुम शुक्ला ने ज्वाइनिंग लेकर ड्यूटी लगाई थी।
दोपहर में जब मेट्रन पहुंची तो उसने रजिस्टर चेक करने के बाद अधीक्षक कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी थी। कुल मिलाकर स्टाफ नर्स, मेट्रन एवं प्रबंधन की लापरवाही के कारण डॉक्टर, नर्स, गार्ड, मरीज सहित 50 लोगों को क्वारंटाइन करना पड़ा है।
इनका कहना है
हमने मेट्रन से घटना की जानकारी ली है। उनका कहना है कि इंदौर से आने की जानकारी दी ही नहीं गई थी। यह मामला हमारे संज्ञान में भी नहीं लाया गया। हमने अब सभी के लिए आदेश जारी कर दिए हैं कि बाहर से आने वालों को ड्यूटी ज्वाइन नहीं कराई जाए। साथ ही मेट्रन को भी पत्र जारी किया जा रहा है।
-डॉ अशोक मिश्रा, अधीक्षक जेएएच, ग्वालियर

