ब्राम्हण बेटियों पर आपत्तिजनक बयान देने वाले अवॉर्डी आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा को बर्खास्त करने की मांग, ब्राम्हण समाज ने सुभाष चौक में पुतला फूंक कर शासन से की मांग

ब्राम्हण बेटियों पर आपत्तिजनक बयान देने वाले अवॉर्डी आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा को बर्खास्त करने की मांग, ब्राम्हण समाज ने सुभाष चौक में पुतला फूंक कर शासन से की मां

कटनी(YASHBHARAT.COM)। अवॉर्डी आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। वजह है ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिया गया आपत्तिजनक बयान। सडक़ से लेकर सोशल मीडिया तक लोग तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि वर्मा अपने बयान पर माफी मांग चुके हैं। उधर सरकार ने भी वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा। आज कटनी में भी ब्राम्हण समाज के द्धारा शहर के हृदय स्थल सुभाष चौक में धरना प्रदर्शन करते हुए आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा का पुतला दहन किया और सरकार से वर्मा को बर्खास्त करने की मांग की। इस दौरान सवर्ण आर्मी और समस्त ब्राम्हण समाज के द्धारा दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा पर एफआइआर दर्ज करने और बर्खास्त करने की मांग की गई। यह गुस्सा अब प्रदेश के उन ब्राह्मण नेताओं पर भी फूटने लगा है जो ब्राह्मण कोटे से राजनीतिक पदों पर रहे लेकिन वर्मा के बयान पर बोलने से बच रहे हैं।
समस्त ब्राम्हण समाज की मांग
सुभाष चौक में धरना प्र्रदर्शन करते हुए समस्त ब्राम्हण समाज ने अपने ज्ञापन में कहा कि मध्यप्रदेश में कार्यरत अवार्डी आईएएस अधिकारी एवं अजाक्स प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा द्वारा मंच से ब्राम्हण मातृशक्तियों के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण मध्यप्रदेश ही नहीं वरन पूरे देश का ब्राम्हण वर्ग आक्रोशित है। इसलिए ऐसे निर्लज्जता पूर्ण सोच रखने वाले शासन के अंग को दंडित करते हुए कार्यमुक्त कर एफआईआर दर्ज करके जले भेजा जाए। जिससे शासन की साफ सुथरी छवि बनी रहे और ऐसे निर्लज्ज सोच रखने वाले अधिकारी को भी एक संदेश मिल सकें एवं ऐसे संस्थानों पर भी लगाम प्रतिपबंध लगाया जाये जो समाज में जातिवाद फैला कर समाज में भाईचारा खत्म करने का कार्य कर रहे हैं।
सवर्ण आर्मी ने भी रखी मांग
उधर सवर्ण आर्मी ने ज्ञापन सौंपकर अवार्डी आएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए उनके विरूद्ध बीएनएस की धारा 299 एवं 196 के तहत धार्मिक एवं सामाजिक भावना बढक़ाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सवर्ण आर्मी ने अपने ज्ञापन में कहा है कि आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा जो कि शासकीय सेवा के अधिकारी होने के नाते सेवा आचरण अधिनियम से बंधे हुए हैं। अखिल भारतीय सेवा के आचरण नियम 1968 में प्रावधान है कि ऐसा कोई भी कृत्य जो समाज में विभेद पैदा करता है, सरकार को मान्य नहीं है। इसलिए शासकीय कर्मचारी को ऐसा बयानबाजी करने से बचना चाहिए। अजाक्स संगठन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा हाल ही में ब्राम्हण समाज की बेटियों के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील एवं अभद्र टिप्पणी की है। उनकी यह टिप्पणी न केवल एक समुदाय का अपमान करती है बल्कि समाज में वैमनस्य एवं वर्गीय तनाव उत्पन्न करने वाली मानसिकता को भी दर्शाती है। संतोष वर्मा द्वारा की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, उनके कर्तव्य पालन की निष्पक्षता पर भी गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है। इसलिए संतोष वर्मा के विरूद्ध विधि अनुसार एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की जाए। साथ ही प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उन्हें दायित्वों से पदमुक्त कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। सवर्ण आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त प्रकरण में समय पर उचित कार्यवाही की नहीं की जाती है तो सर्वण समाज बाध्य होकर आन्दोलन करने के लिए स्वतंत्र होगा।
इनकी रही उपस्थिति
धरना प्रदर्शन और आंदोलन के दौरान जिला ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष राजू शर्मा, चाणक्य ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष रमाकांत पप्पू दिक्षित, जिला ब्राम्हण समाज के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र तिवारी, जिला ब्राम्हण समाज के महामंत्री सूर्यकांत गौतम, सुनील उपाध्याय, आशुतोष शुक्ला, रवि पांडे, विवेक शुक्ला, भवानी तिवारी, राहुल उपाध्याय, मुकेश तिवारी, बाल्मिक पांडे, सुजीत तिवारी, शिब्बू परौरा, विनय दिक्षित, अंकुश बाबू तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, विवेक गोल्डन पांडे, कृष्णा दुबे, ऊषा पांडे, आरती तिवारी, अंजू तिवारी, मंजूसा गौतम, जिनेन्द्र त्रिपाठी, राजकुमार शर्मा (बिल्लू), अतुल तिवारी, सुनील मिश्रा (गाताखेड़ा), संतोष तिवारी (लल्लू), आर पी परौहा, विपिन दुबे, राजेश तिवारी, राजेन्द्र गौतम, बसंत दुबे, नीरज दुबे, संतोष पाण्डे, प्रकाश भौमिया, कामता उपाध्याय, राजेश नारायण त्रिपाठी, राकेश द्विवेदी, संजीव तिवारी, अशोक खम्परिया, भूषण भूरा पाठक, मोहित पाठक, रमाकांत तिवारी, कृष्ण गोपाल गर्ग, संजय शर्मा, सुरेन्द्र मिश्रा, डी के मिश्रा संजय शर्मा, विकांत शर्मा, संतोष पाण्डे, राकेश उरमलिया, पदममणि त्रिपाठी, अरविंद तिवारीए, अशोक पाण्डे, अरविद तिवारी, विनोद गर्ग, पुरषोत्तम गौतम, मोहन मिश्रा, केशव पाठक, महेश शुक्ला, प्रशांत मिश्रा, प्रभात त्रिपाठी, पंकज पाण्डे, हरिशंकर वाजपेई, राजेश भारद्वाज, आशुतोष शुक्ला, मंदू मिश्रा, राजेश मिश्रा सहित भारी संख्या में ब्राम्हण समाज के लोगों की उपस्थिति रही।

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