राजनीतिक डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रभारियों की लिस्ट जारी की है। देश के चार राज्यों में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। शाह ने पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक मुकुल राय को बनाया है, साथ ही अरविंद मेनन को सह प्रभारी नियुक्त किया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मध्यप्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया है, वहीं प्रकाश जावडेकर को राजस्थान, जेपी नड्डा को तेलंगाना का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है।
धर्मेंद्र प्रधान को ही इसलिए मिली मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी
दरअसल धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश से राज्य सभा सदस्य हैं। जब उन्हें मध्यप्रदेश से राज्य सभा में भेजा गया था उसी समय से चुनाव के दौरान उन्हें मध्यप्रदेश का प्रभारी बनाने के कयास लगाए जा रहे थे। प्रधान को 2004 में त्रिपुरा और 2008 में छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया था। धर्मेंद्र प्रधान इसके पूर्व उत्तराखंड में जेपी नड्डा के साथ चुनाव की कमान संभाल चुके हैं।
भाजपा की सत्ता में वापसी के पीछे उनकी रणनीति को अहम माना गया था। प्रधान छत्तीसगढ और झारखंड में भाजपा को चुनाव में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। आपको बता दें कि जावड़ेकर को इससे पहले कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया था, जहां बीजेपी तमाम कयासों को दरकिनार कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
छह से 15 अक्टूबर तक अमित शाह मध्यप्रदेश में रहेंगे
इसके बाद 9 अक्टूबर को ग्वालियर और चंबल संभाग, 14 अक्टूबर को सागर, भोपाल और होशंगाबाद संभाग में रहेंगे। इसके बाद 15 अक्टूबर को रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अमित शाह चार जगहों पर 10 संभाग में भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा कर जमीनी हकीकत जानेंगे।
मध्यप्रदेश को मिली मेट्रो की सौगात
इतना ही नहीं, मोदी कैबिनेट ने चुनावी राज्य मध्य प्रदेश के लिए भी बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने इंदौर और भोपाल में मेट्रो को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि भोपाल में करीब 6941.40 करोड़ रुपये की लागत से चार साल में मेट्रो बन कर तैयार हो जाएगा। वहीं, इंदौर में भी चार साल में 7500.40 करोड़ रुपये की लागत से मेट्रो बनकर तैयार हो जाएगी
