छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों का बड़ा दुस्साहस: सरगुजा SSP राजेश अग्रवाल की बनाई फर्जी फेसबुक ID; लोगों से मांग रहे मोबाइल नंबर, जांच शुरू

छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों का बड़ा दुस्साहस: सरगुजा SSP राजेश अग्रवाल की बनाई फर्जी फेसबुक ID; लोगों से मांग रहे मोबाइल नंबर, जांच शुरू

छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों का बड़ा दुस्साहस: सरगुजा SSP राजेश अग्रवाल की बनाई फर्जी फेसबुक ID; लोगों से मांग रहे मोबाइल नंबर, जांच शुरू

अंबिकापुर/सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से साइबर अपराध का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठगों ने अब सीधे जिले के कानून व्यवस्था के रखवाले यानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राजेश अग्रवाल को ही अपना निशाना बना लिया है। ठगों ने एसएसपी की फोटो और पद का इस्तेमाल कर एक फर्जी (Fake) फेसबुक आईडी तैयार कर ली है।

इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और मैसेंजर पर चैट कर उनके पर्सनल मोबाइल नंबर मांगे जा रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही खुद एसएसपी ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस की साइबर सेल मामले की जांच में जुट गई है।

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सरकारी बैठक की तस्वीर लगाकर बनाया ‘फेक प्रोफाइल’

साइबर ठगों ने इस फर्जी आईडी को असली दिखाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया:

 चैट में मोबाइल नंबर मांगने पर खुला राज

ठगों की पोल तब खुली जब उन्होंने फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने वाले लोगों से मैसेंजर पर सीधी बातचीत (चैट) शुरू की:

 “सतर्क रहें, झांसे में न आएं” – एसएसपी राजेश अग्रवाल

एसएसपी की जनता से अपील:

“इस फर्जी आईडी की शिकायत दर्ज करा दी गई है और हमारी साइबर सेल इसकी बारीकी से जांच कर रही है। इसके साथ ही ‘मेटा’ (फेसबुक की पैरेंट कंपनी) को भी इस प्रोफाइल को ब्लॉक करने के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। मेरी आम जनता से अपील है कि किसी भी अनजान या अचानक आई वीआईपी/अधिकारी की आईडी से आए मैसेज या फ्रेंड रिक्वेस्ट पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कोई भी संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।”

 सरगुजा में पहले भी कलेक्टर्स के नाम पर हो चुकी है ठगी की कोशिश

अफसरों के नाम पर ठगी का यह सरगुजा संभाग में पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ठग इस तरह की हिमाकत कर चुके हैं:

पुलिस की हिदायत: साइबर सेल ने चेतावनी जारी की है कि ठग अब लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के नाम व तस्वीरों का दुरुपयोग कर रहे हैं। किसी भी अधिकारी के नाम से आने वाले मैसेज, कॉल या फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना वेरिफाई किए कोई भी जानकारी या पैसा साझा न करें।

— विशेष साइबर अपराध ब्यूरो, विशेषांक

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