Fact Check: दीपिका पादुकोण ने सोनम वांगचुक के अनशन पर नहीं किया कोई पोस्ट; वायरल स्क्रीनशॉट निकला पूरी तरह फर्जी और एडिटेड

Fact Check: दीपिका पादुकोण ने सोनम वांगचुक के अनशन पर नहीं किया कोई पोस्ट; वायरल स्क्रीनशॉट निकला पूरी तरह फर्जी और एडिटेड

Fact Check: दीपिका पादुकोण ने सोनम वांगचुक के अनशन पर नहीं किया कोई पोस्ट; वायरल स्क्रीनशॉट निकला पूरी तरह फर्जी और एडिटेड

नई दिल्ली: सोशल मीडिया के गलियारों में इन दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के नाम से एक इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने दिल्ली में अनशन पर बैठे मशहूर शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक भावुक नोट लिखा और बाद में विवाद से बचने के लिए उसे डिलीट कर दिया।

 फैक्ट चेक टीम और तकनीकी जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और फर्जी साबित हुआ है। इस बात का कोई डिजिटल रिकॉर्ड या सबूत नहीं है कि दीपिका ने कभी अपने आधिकारिक अकाउंट से ऐसी कोई स्टोरी साझा की थी। वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह एडिटेड (Morphed) है।

क्या लिखा है फर्जी स्क्रीनशॉट में?

राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे इस कथित स्क्रीनशॉट में दिखाया गया है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़े एक पोस्ट को री-शेयर किया है।

दीपिका को टारगेट करने का पुराना इतिहास

यह पहला मौका नहीं है जब दीपिका पादुकोण के नाम का सहारा लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और फेक न्यूज फैलाई गई हो। पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है जब वे डिजिटल जालसाजों के निशाने पर आई हैं:

जंतर-मंतर पर क्यों अनशन पर हैं सोनम वांगचुक?

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस धांधली की जिम्मेदारी तय हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

इस संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दे पर जहां बॉलीवुड के अधिकांश ए-लिस्टर्स ने चुप्पी साध रखी है, वहीं सिनेमा जगत के कई दिग्गजों ने खुलकर वांगचुक का समर्थन किया है:

 सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: ‘जिंदगी बहुत कीमती है’

जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही है। उनका वजन काफी कम हो गया है और वे शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो चुके हैं।

उनकी सुरक्षा और बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर आज (गुरुवार) सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहद मानवीय और सख्त टिप्पणी की। अदालत ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “जिंदगी बहुत कीमती है।” इसके साथ ही हाई कोर्ट ने प्रशासन को कड़े आदेश जारी किए हैं कि अनशन स्थल पर वांगचुक को जब भी और जैसी भी मेडिकल हेल्प (चिकित्सकीय सहायता) की जरूरत पड़े, उसे तुरंत बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए।

— फैक्ट चेक एवं लीगल डेस्क, यशभारत डॉट कॉम

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