मानसून आते ही एक्शन में प्रशासन: राजधानी में एडीएम का सख्त आदेश- ‘दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें अधिकारी’, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
मानसून आते ही एक्शन में प्रशासन: राजधानी में एडीएम का सख्त आदेश- 'दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें अधिकारी', लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
मानसून आते ही एक्शन में प्रशासन: राजधानी में एडीएम का सख्त आदेश- ‘दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें अधिकारी’, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
भोपाल। मानसून की पहली दस्तक के साथ ही राजधानी का जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। तेज बारिश के दौरान अक्सर होने वाले जलभराव (Waterlogging), उफनते जलाशयों और गहरी खाइयों के कारण कोई अप्रिय घटना या बड़ा हादसा न हो, इसे लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक गुरुवार को आयोजित की गई।
बैठक में अपर कलेक्टर (ADM) सुमित कुमार पांडेय ने कड़े तेवर दिखाते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि मानसून सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी अपनी ड्यूटी में ढिलाई बरतता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम का फरमान: दफ्तरों से निकलकर फील्ड में जाएं एसडीएम
बैठक के दौरान एडीएम ने राजधानी के सभी आठ अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत आपदा प्रबंधन टीमों (Disaster Management Teams) का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने साफ शब्दों में कहा कि टीम में शामिल कोई भी अधिकारी या कर्मचारी केवल दफ्तरों में बैठकर फाइलों का काम न करे। सभी को सीधे फील्ड में उतरना होगा। जलभराव के लिहाज से जो भी संवेदनशील (Sensitive) इलाके हैं, वहाँ खुद जाकर ड्रेनेज और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। मानसून आते ही एक्शन में प्रशासन: राजधानी में एडीएम का सख्त आदेश- ‘दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें अधिकारी’, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
डैम और तालाबों पर रहेगा पहरा, लगेंगे चेतावनी बोर्ड
बरसात के मौसम में पिकनिक स्पॉट और जलाशयों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े घेरे तैयार करने को कहा है:
छात्रों और आम लोगों पर रोक: सभी डैम, तालाबों और गहरी खाइयों के आसपास छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों की आवाजाही को पूरी तरह नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के इंतजाम किए जाएं।
सुरक्षा जाली और साइनबोर्ड: जितने भी खतरनाक पर्यटन स्थल और जलस्रोत हैं, उनके चारों तरफ सुरक्षा जाली (Fencing) लगाई जाए और लोगों को आगाह करने के लिए बड़े-बड़े चेतावनी सूचक बोर्ड (Warning Boards) तुरंत स्थापित किए जाएं।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, रपटों और उफनते जलाशयों के पास जाने से बचें और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।