अग्रिम जमानत मिलते ही गरजे बिक्रम सिंह मजीठिया; भगवंत मान सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा- रंगा-बिल्ला को कह दो, टाइगर अभी जिंदा है
अग्रिम जमानत मिलते ही गरजे बिक्रम सिंह मजीठिया; भगवंत मान सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा- रंगा-बिल्ला को कह दो, टाइगर अभी जिंदा है
अग्रिम जमानत मिलते ही गरजे बिक्रम सिंह मजीठिया; भगवंत मान सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा- रंगा-बिल्ला को कह दो, टाइगर अभी जिंदा है
अग्रिम जमानत मिलते ही गरजे बिक्रम सिंह मजीठिया; भगवंत मान सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा- रंगा-बिल्ला को कह दो, टाइगर अभी जिंदा है
अमृतस: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कद्दावर नेता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर की एक अदालत से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मिलने के बाद पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया है। अदालत से बड़ी राहत मिलते ही मजीठिया ने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है।
चेतावनी भरे अंदाज में मजीठिया ने कहा कि उनकी आवाज को दबाने की हर मुमकिन साजिश रची गई, लेकिन गुरु के आशीर्वाद से वे नाकाम रहे। उन्होंने भरे लहजे में ललकारते हुए कहा— “रंगा-बिल्ला को कह दो, टाइगर अभी जिंदा है, मरा नहीं है।”
‘अदालत के फैसले ने दिया राजनीतिक बदले की कार्रवाई का जवाब’
वीडियो संदेश में मजीठिया ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया:
दबाने की कोशिश: मजीठिया ने आरोप लगाया कि पिछले लंबे समय से उन्हें राजनीतिक बदले की भावना (Political Vendetta) का निशाना बनाया जा रहा था। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए ताकि उनकी आवाज को हमेशा के लिए चुप कराया जा सके।
सत्य की जीत: पूर्व मंत्री ने कहा कि न्यायालय का यह फैसला साबित करता है कि सत्य को कुछ समय के लिए परेशान तो किया जा सकता है, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने न्यायपालिका और अपनी कानूनी टीम का विशेष आभार व्यक्त किया। अग्रिम जमानत मिलते ही गरजे बिक्रम सिंह मजीठिया; भगवंत मान सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा- रंगा-बिल्ला को कह दो, टाइगर अभी जिंदा है
‘यह मेरी नहीं, दमन झेलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं की जीत है’
मजीठिया ने इस कानूनी राहत को अपनी व्यक्तिगत जीत मानने से इनकार करते हुए इसे पंजाब की जनता को समर्पित किया:
कार्यकर्ताओं को नमन: उन्होंने कहा, “यह जीत उन लाखों कार्यकर्ताओं, युवाओं और माताओं-बहनों की है जिन्होंने दमनकारी नीति के बावजूद सच का साथ नहीं छोड़ा।”
उत्पीड़न का आरोप: मजीठिया ने भावुक होते हुए कहा कि मुश्किल दौर में जिन कार्यकर्ताओं के घरों पर छापे मारे गए, जिन्हें डराया-धमकाया गया और जिनके परिवारों ने तकलीफें झेलीं, वे असली साथी हैं जो मैदान में डटे रहे और वे उनके इस कर्ज को कभी नहीं भूलेंगे।
संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ, आखिरी सांस तक जारी रहेगी लड़ाई
अकाली दल के नेता ने साफ कर दिया है कि जमानत मिलने के बाद भी उनका रुख सरकार के खिलाफ नरम नहीं होने वाला है:
पंजाब के मुद्दों पर घेराव: मजीठिया ने कहा कि पंजाब को नशे की दलदल, गैंगस्टरवाद, बेरोजगारी, किसान संकट और राजनीतिक दमन से मुक्त कराने के लिए उनका संघर्ष और तेज होगा।
झुकेंगे नहीं: उन्होंने संदेश के अंत में कहा, “न हम झुके थे, न झुकेंगे। न हम डरे थे, न डरेंगे। जब तक आखिरी सांस है, यह आवाज पंजाब और पंजाबियों के हक के लिए इसी तरह बुलंद होती रहेगी।”