AIIMS को उम्मीद- कोवैक्सिन सालभर तक असरदार हो सकती है
नई दिल्ली। मैथेमैटिकल कैल्कुलेशन से पता चला है कि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन कोरोना के खिलाफ नौ महीने से लेकर करीब एक साल तक असरदार हो सकती है। इसके बाद फिर से एक बूस्टर शॉट की जरूरत होगी। न्यूज एजेंसी से यह बात AIIMS भोपाल के डायरेक्टर डॉक्टर वाय.के. गुप्ता ने कही।
डॉ. गुप्ता भोपाल और जम्मू AIIMS के डायरेक्टर भी हैं। उन्होंने कहा कि कोवैक्सिन लगाने से अब तक किसी की भी मौत या बड़े साइड इफेक्ट होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मार्च के आखिरी तक फेज-3 ट्रायल्स के रिजल्ट आने के बाद और स्थिति साफ हो जाएगी।
वैक्सीन के दूसरे डोज का पहला दिन, सिर्फ 4% लोगों को लगा टीका
देश में कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज शनिवार से लगाया जाने लगा। हालांकि, पहले दिन का आंकड़ा निराश करने वाला है। सिर्फ 7,688 लोगों को यह डोज दिया गया। वैक्सीन का पहला डोज पहले दिन 1 लाख 91 हजार 181 लोगों को लगाया गया था। इसकी तुलना में दूसरे डोज का आंकड़ा सिर्फ 4% है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
वैक्सीन के 80.50 लाख डोज लगाए गए
देश में शनिवार शाम 6 बजे तक कुल 80 लाख 52 हजार 454 लोगों को कोविड वैक्सीन का टीका लगाया जा चुका है। इनमें से 59 लाख 35 हजार 275 डोज स्वास्थ्यकर्मियों को लगाए गए। अब तक 21 लाख 17 हजार 179 फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोविड वैक्सीन का पहला डोज दिया गया है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।

