इंदौर की मौतों के बाद भी प्रशासन नहीं चेता, जिला चिकित्सालय में बाल्टी में भोजन -3 नोटिस के बाद भी ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

इंदौर की मौतों के बाद भी प्रशासन नहीं चेता, जिला चिकित्सालय में बाल्टी में भोजन -3 नोटिस के बाद भी ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्
कटनी। हाल ही में इंदौर में दूषित पानी खाद्य व्यवस्था के कारण हुई मौतों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही सीधे मानव जीवन के लिए घातक अपराध बन जाती है। इसके बावजूद जिला चिकित्सालय कटनी में मरीजों, गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को दिए जा रहे भोजन की स्थिति अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है। जनसुनवाई मे अधिवक्ता राज दुबे ने शिकायत करते हुए बताया की जिला चिकित्सालय कटनी में मरीजों को दिया जाने वाला भोजन थाली में नहीं बल्कि बाल्टी में भरकर वार्डों में ले जाया जा रहा है। यह न केवल स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संक्रमण, फूड पॉइजनिंग और गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण देने जैसा है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इस विषय में संबंधित भोजन ठेकेदार को तीन बार लिखित नोटिस/कारण बताओ पत्र
दिनांक 14.07.2025, 12.08.2025 एवं 18.08.2025 को जारी किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद आज दिनांक तक न तो ठेका निरस्त किया गया, न आर्थिक दंड लगाया गया और न ही कोई प्रभावी दंडात्मक कार्यवाही की गई। नोटिस जारी होने के बाद भी कार्यवाही न होना यह दर्शाता है कि मामला अब केवल ठेकेदार की लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता, संरक्षण अथवा सांठगांठ की ओर गंभीर संकेत करता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि—भोजन की निर्धारित मात्रा (वजन) जानबूझकर कम दी जा रही है , डाइट चार्ट में शामिल फल एवं सलाद नियमित रूप से नहीं दिए जाते, दूध, चाय एवं नाश्ते के समय व मात्रा में लगातार अनियमितता बनी हुई है जिन मरीजों या परिजनों के पास बर्तन नहीं होते, उन्हें कई बार भोजन ही नहीं दिया जाता
यह स्थिति किसी एक दिन की नहीं बल्कि कई महीनों से लगातार बनी हुई है। यदि समय रहते ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। और भी गंभीर यह है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई जानकारी अब तक जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे यह संदेह और मजबूत होता है कि अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गयी हैँ की
जिला चिकित्सालय कटनी में बिना पूर्व सूचना आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए,भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और स्वच्छता की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हो,दोषी भोजन ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही एवं FIR दर्ज की जाए,नोटिस के बावजूद कार्यवाही न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ,RTI के अंतर्गत जानकारी दबाने वालों पर RTI Act की धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्यवाही हो
यह केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि संभावित जनहानि की स्पष्ट चेतावनी है। अब यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी केवल ठेकेदार की नहीं, बल्कि कार्यवाही न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भी होगी।








