5 साल पहले पाटीदारों के असर वाली 71% सीटों पर था BJP का कब्जा, अब नजरें हार्दिक पर
नई दिल्ली. गुजरात विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जिन वोटर्स पर निगाह थी, वो थे पाटीदार। इसकी वजह भी है। गुजरात में पाटीदारों के असर वाली 83 सीटें हैं, 5 साल पहले 2012 के इलेक्शन में इनमें से 59 यानी 71% सीटें बीजेपी ने जीती थीं। लेकिन, इस बार कांग्रेस का साथ देने के चलते सारी नजरें पाटीदार आंदोलन के मुखिया हार्दिक पटेल पर टिक गईं।
हालांकि, दो फेज में वोटिंग के दौरान पाटीदारों के असर वाली सीटों पर वोटिंग में गिरावट देखने को मिली। बता दें कि गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो फेज में वोट डाले गए और नतीजे आज आ रहे हैं।
20%वोटर पाटीदार: पाटीदार वोट आमतौर पर पाटीदार कैंडिडेट्स को ही वोट देते हैं। इनके रुझान को देखते हुए ही बीजेपी ने कैबिनेट में 44 पाटीदारों को जगह दी थी।
टर्निंग प्वाइंट: पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड में लाठीचार्ज हुआ था। इसने बीजेपी और पाटीदारों के बीच बड़ी खाई बना दी थी।
मुख्य मांगें: पाटीदारों को आरक्षण, आंदोलन के दौरान जिन पाटीदारों की जान गई, उनके परिवार के एक शख्स को सरकारी नौकरी दी जाए। लाठीचार्ज करने वाली पुलिस के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
सरकार ने क्या किया? सरकार ने पाटीदारों के खिलाफ केस वापस ले लिए। गैर आरक्षण जाति आयोग बनाने का वादा किया, लेकिन पाटीदार इन कदमों से खुश नहीं हैं।
कांग्रेस ने कैसे भुनाया?पाटीदार वोटर्स को फेवर में लाने के लिए राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल को अपने साथ मिलाया। हार्दिक पटेल ने कहा कि कांग्रेस को आरक्षण पर हमारा फॉर्मूला मंजूर है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर आरक्षण का बिल पास करने का वादा किया है।
पाटीदार फैक्टर, चेहरा हार्दिक पटेल
पाटीदारों के असर वाली 83 सीटें
BJP
CONGRESS
OTHERS
2012 में क्या थे नतीजे
59
22
02
पाटीदारों की वोटिंग में गिरावट का असर किस पर?
– 20% पाटीदार वोटर 19 साल से बीजेपी की सरकार बनाने में निर्णायक रहे हैं। लेकिन, इस बार इनकी वोटिंग में असर वाली सीटों पर कमी दर्ज की गई है, जो 11% तक है। ये नतीजों के बाद तय होगा कि वोटिंग में गिरावट का असर किस पर पड़ा।