प्रदेशभर के शिक्षाविदों व शोधार्थियों का बरही में समागम
जनसंख्या ही प्रोड्यूसर है और कंज्यूमर भी, विषय का निराकरण विष से ही होगा, मॉल में बैठकर पिज़्ज़ा-बर्गर का स्वाद लेंगे तो 28 प्रतिशत बैठने का कर तो देना ही पड़ेगा, इससे अच्छा तो बाहर का छोला-भटूरा ही है। जीएसटी विषय पर बरही के शासकीय कालेज में चल रहे दो दिनी कार्यशाला में विद्यानो ने अपने खट्टे-मीठे अनुभव शेयर करते हुए मंथन में जुटे हुए है।
कटनी/बरही। जिले के शासकीय महाविद्यालय बरही में दो दिवसीय वस्तु एवं सेवा कर संभावनाए एवं चुनोतियाँ विषय पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में नगर निगम कटनी के महापौर शशांक श्रीवास्तव मुख्यातिथि, कालेज के प्राचार्य डॉ आर के वर्मा अध्यक्षता व एकेएस विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ हर्षवर्धन श्रीवास्तव मुख्य वक्ता, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रामभजन ताम्रकार, भाजपा मंडल अध्यक्ष डारेश्वर पाठक बतौर विशिष्ठ अतिथि मंचासीन रहे। माँ सरस्वती जी के छायाचित्र में द्वीप प्रज्वलन के साथ प्रथम सत्र का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक सुनील चतुर्वेदी ने किया।
जीवन की सफलता के लिए कारगर कदम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर श्री श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश के सर्वागीण विकास के लिए जीएसटी वर्तमान में भले ही कष्टदायी हो, लेकिन यह देश निर्माण व जीवन की सफलता के लिए कारगर सिद्ध हो रहा है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम है। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता डॉ हर्षवर्धन ने देश मे जीएसटी लागू होने से अधोसंरचना का तेजी से विकास होने पर बल दिया। टीआरएस कालेज रीवा के प्रोफेसर डॉ भूपेंद्र ने कहा कि कर चोरी में कमी आने के साथ-साथ संभ्रांत समाज के बड़े करदाताओ को बड़ी राहत मिली है।
जो अमूल्य है, उसका मूल्यांकन कैसे?
जीएसटी संभावनाए एवं चुनोतियाँ विषय पर सरल, सहज व बेबाकी से अपनी बात रखते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ फारेस्ट भोपाल से आए मुख्यवक्ता डॉ एस पी सिंह ने सवाल किया कि क्या हवा, पानी, आक्सीजन जो प्रकृति का उपहार, जो अनमोल है, क्या इनका भी मूल्यांकन किया जा सकता है, प्राकृतिक संसाधनों में भी क्या जीएसटी लागू किया जा सकता है, जंगल से निकलने वाली जलाऊ लकड़ी में क्या कर लगता है, नही, लेकिन जब इसके स्वरूप में परिवर्तन होता है, कोयला, चारकोल बनता है, तो उसमें जीएसटी लागू होता है, हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले मरीज को दिए जाने वाला आक्सीजन की रिफलिंग व परिवहन की कीमत बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या ही प्रोड्यूसर है और कंज्यूमर भी है, विष का विनाश विष से ही होगा, इसलिए जीएसटी देश के लिए महत्वपूर्ण है। भाजपा मंडल अध्यक्ष डारेश्वर पाठक ने कहा कि यह एक सफलतम प्रयास है, विभिन्न करो से अब जूझना बंद हो गया है, एक देश, एक कर।
अंतिम उपभोक्ता पर बोझ घटेगा
अध्यक्षीय उद्बोधन में बरही कालेज के प्राचार्य डॉ वर्मा ने कहा कि देश मे जीएसटी लागू होना ऐतिहासिक व क्रांतिकारी कदम है, यह निर्यात के लिए फायदेमंद है, कर चोरी से देश को नुकसान हुआ है, वस्तु एवं सेवाकर लागू होने से कर दाताओ की संख्या बढ़ी है, फ्रांस के बाद भारत दूसरा जीएसटी लागू करने वाला दूसरा देश है, खासतौर पर विदेशी कंपनियों के लिए सर्वाधिक उपभोक्ता बाजार के रूप में प्लेटफार्म तैयार हुआ है, इससे कारोबार सुगम हो रहा है। जनभागीदारी समिति अध्यक्ष रामभजन ताम्रकार ने आए हुए सभी शोधार्थियों, शिक्षाविदों व सहभागिता निभा रहे सभी अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया। प्रथम सत्र का समापन कालेज के प्रोफेसर डॉ एसएस धुर्वे ने सभी का आभार ज्ञापित किया। लंच उपरांत द्वितीय चरण में तकनीकी कार्यशाला के दौरान शोधार्थियों ने अपने-अपने रिपोर्ट्स प्रस्तुत किए, जिसका सफल संचालन तिलक कालेज की प्रोफेसर डॉ कुमुद श्रीवास्तव ने किया। कार्यशाला में कैमोर साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ महेश स्वर्णकार सहित जिलेभर के शासकीय व अशासकीय कालेजो के प्राध्यापकों के अलावा रीवा, सतना, जबलपुर, भोपाल सहित अन्य क्षेत्र से विद्वान ब्याख्यान देने आए हुए है।


