215 वालंटियर्स को मिला आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण, जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ आयोजन
कटनी (20 मई) 215 वालंटियर्स को मिला आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण, जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ आयोजन। आपात आपदा की स्थिति में कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी हैं, सायरन बजने पर क्या करना है, मौके पर उपलब्ध संसाधनों से घायलों की कैसे मदद करनी है, रासायनिक व जैविक हमलों से कैसे बचना है। आपात स्थिति निर्मित होने पर अपनाई जाने वाली सावधानियां एवं जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने से संबंधित तमाम नागरिक सुरक्षा बारीकियों की जानकारी कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव की पहल पर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुए प्रशिक्षण के दौरान 215 वालेंटियर्स को दी गई।
215 वालंटियर्स को मिला आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण, जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ आयोजन
इस दौरान प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता, प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय चित्रा प्रभात, सहायक संचालक महिला बाल विकास वनश्री कुरवैती सहित विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षक मौजूदगी रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीआरएफ की टीम ने जीवंत प्रदर्शन कर आपदा के समय लोगों को बचाने के उपाय समझाए। साथ ही वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबंधन के समय बरती जाने वाली सावधानियों और सतर्कता से संबंधित जानकारी दी गई। रासायनिक व जैविक हमलों से बचाव पर प्रजेंटेशन भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्लाटून कमांडर एसडीईआरएफ श्रीमती श्वेता गुप्ता के द्वारा आपदा के दौरान उत्पन्न होनें वाली विभिन्न समस्याओं से निपटने के तरीकों की जानकारी बड़े ही सहज प्रकार से दी गई। वहीं आपदा के दौरान घायलों के उपचार के तौर तरीकों की जानकारियां विस्तार से प्रदान की गई।
घायलों की मदद करने के तरीके बताए
एसडीआरएफ के जवानों ने नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रेचर बनाने, घायलों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के विभिन्न तरीके एवं प्राथमिक चिकित्सा देने की विधियों का व्यवहारिक व जीवंत प्रदर्शन करके दिखाया। एसडीआरएफ के जवानों ने कहा कि आम नागरिक भी इन विधियों को अपनाकर आपदा मित्र की भूमिका निभा सकते हैं। आपदा के समय सीपीआर देकर लोगों का जीवन बचाने की बारीकियां भी उन्होंने प्रभावी ढंग से समझाईं। साथ ही बताया गया कि आपदा की स्थिति में दीवारों के किनारे, टेबल इत्यादि के नीचे सहारा लें। यदि सड़क से जा रहे हों तो पुलों इत्यादि के नीचे वाहन रोककर खड़े हो जाएं।
ब्लैकआउट का सायरन बजने पर करें बत्तियाँ बंद
प्रशिक्षण के दौरान खासतौर पर बताया गया कि ब्लैक आउट का सायरन बजते ही घरों की बत्तियाँ बंद कर दें। साथ ही दरवाजों व खिड़कियों के पर्दे डाल दें। प्रयास ऐसे हों कि जरा सी भी रोशनी घर के बाहर नहीं दिखनी चाहिए।
अफवाहों पर न दें ध्यान
प्रशिक्षण में बताया गया कि आपदा के समय में अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के फैलाई गई बातों को किसी अन्य को शेयर न करें। सायरन की आवाज को नजरअंदाज न करें और किसी भी सार्वजनिक स्थल पर भीड़ इकट्ठा न होने दें।ब्लैकआउट और सायरन हमारे जीवन की रक्षा के लिए होते हैं। जब जिला प्रशासन इस तरह के कदम उठाती है, तो वह हमारी भलाई के लिए होता है। ऐसे में आम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे शांत रहें, सतर्क रहें और दिए गए निर्देशों का पालन करें।
नागरिक सुरक्षा सेवाएं
प्रशिक्षण के दौरान आपदा के दौरान प्रदान की जाने वाली नागरिक सुरक्षा संबंधी 12 सेवाओं क्रमशः मुख्यालय स्तर पर प्रदान की जानें वाली सेवा, वार्डन सेवा, संचार सेवा, हताहत सेवाख् अग्निशमन सेवा, प्रशिक्षण सेवा, बचाव सेवा, सामग्री वितरण सेवा, सामग्री उद्धार सेवा, कल्याण सेवा, यातायात और परिवहन सेवा सहित निपटारा सेवा तथा इनके प्रभारी के संबध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। 215 वालंटियर्स को मिला आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण, जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ आयोजन

