120 साल की महिला खाट में घसीट कर बैंक ले जाने वाली तस्वीर देख केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की पहल पर घर पहुंचा बैंक
नई दिल्ली. चंद दिनों पहले ओडिशा (Odisha) से आई एक 120 साल की महिला को उसकी बेटी द्वारा खाट सहित घसीट कर बैंक ले जाने वाली तस्वीर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. देशभर में इसकी खूब निंदा की गई थी. सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुई तस्वीर (Viral photo) के बाद ओडिशा सरकार हरकत में आई और बैंक के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद केंद्र सरकार के माथे पर भी बल पड़ गए. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने अपने विभाग को जरूरी निर्देश दिए और इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक बुजुर्ग महिला के घर तक जा पहुंचा.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के बरगांव का है. तस्वीर में पूंजीमति देई अपनी मां लाभे बघेल को खाट पर घसीटती हुई नजर आ रही हैं. बताया जाता है कि वह मां के जनधन खाते में आई राहत राशि निकलवाने के लिए बैंक जा रही थीं. कोरोना महामारी के बाद केंद्र सरकार ने महिला जनधन खाताधारकों के अकाउंट में तीन महीने तक 500 रुपये जमा कराए थे. बरगांव के लोगों का कहना है कि पूंजीमति 9 जून को अपनी मां के खाते में आए 1500 रुपये निकलवाने के लिए उत्कल ग्रामीण बैंक की स्थानीय ब्रांच में गई थीं. हालांकि बैंक मैनेजर अजित प्रधान ने कथित तौर पर खाता धारक को ब्रांच में लाने को कहा. पूंजीमति ने बताया कि उनके पास पैसे नहीं थे और मां खाट से उठ नहीं सकती हैं. इसलिए वो अपनी मां को खाट सहित घसीट कर बैंक ले गईं.
इस वीडियो की जानकारी जब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को मिली तो उन्होंने अपने विभाग को जरूरी निर्देश दिए और इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक उनके घर तक जा पहुंचा. अब नुआपाड़ा की उस बुजुर्ग महिला को अपनी खाट पर 200 मीटर दूर बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में उनका खाता खुल गया है. अब वो घर बैठे ही आधार पर आधारित पेमेंट सिस्टम से अपने डीबीटी से आए पैसे को अपने खाते से निकाल सकती हैं.
पूरे लॉकडाउन और कोरोना संकट में रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में संचार मंत्रालय और डाक विभाग ने दूर दराज के क्षेत्रों में बसे लोगों की मदद के लिए कई कदम उठाए हैं. डाक विभाग के कर्मचारी यूपी में मछुआरों और नाव चलाने वालों तक सीधा पहुंच कर ये सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं कि वो इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से सीधा पैसा निकाल सकें. चाहे देश के कोने-कोने में दवाए पहुंचाना हो या फिर सिम कार्ड की अवधि बढ़ाना, संचार मंत्रालय ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई है. आखिर मोदी सरकार का लक्ष्य ही यही है कि संकट की इस घड़ी में सहायता हर जरूरतमंद तक पहुंचे.

