बताया जा रहा है कि कंप्यूटर बाबा के गेस्ट हाउस से रवाना होने की खबर किसी अधिकारी के पास भी नहीं है. बाबा ने पहले कहा था कि कहा था धूनी रमाने के बाद वह अपनी नर्मदा के संरक्षण कार्य के लिए यात्रा शुरू कर देंगे. सरकारी गेस्ट हाउस में तीन दिनों तक रुकने के बाद आगे रूकने के लिए सूचना देनी होती है. बाबा के चाबी साथ लेकर जाने की कोई जानकारी ही प्रोटोकॉल अधिकारी को नहीं है. वहीं, गेस्ट हाउस के कर्मचारी का कहना है कि बाबा का सामान रूम में है इसीलिए चाबी साथ लेकर गए है.
बता दें कि कम्प्यूटर बाबा ने मंगलवार को सरकारी गेस्ट हाउस की छत पर धूनी रमाना शुरू कर दिया था. उस समय कोट खप्पर धूनी तापते दिगंबर अखाड़ा के कम्प्यूटर बाबा से जब पूछा गया कि पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा देने पर मध्य प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस मिला है तो बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नोटिस का जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि हमारा काम तप औऱ तपस्या करना है. कर्म करेंगे तो उसका फल ज़रूर मिलेगा. हमारा काम है परस्वार्थ करना. फल की इच्छा नहीं करना
