सपाक्स में आई दरार, लोहा लेने से पहले खुद ही लड़ पड़े दरबारी!

जबलपुर। जबलपुर में सपाक्स के संस्थापक ललित शास्त्री ने कहा हीरालाल त्रिवेदी को संस्थान के संचालन का अधिकार नहीं हैसपाक्स में फूट पड़ गयी है. सपाक्स के संस्थापक ललित शास्त्री ने हीरालाल त्रिवेदी को किनारे कर अमित खम्परिया को नया कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है. पी एस परिहार को सपाक्स से पदमुक्त कर दिया गया है. पार्टी के मुख्य कर्ता-धर्ता हीरालाल त्रिवेदी को संरक्षक सदस्य बताया गया है.
जबलपुर में सपाक्स के संस्थापक ललित शास्त्री ने कहा हीरालाल त्रिवेदी को संस्थान के संचालन का अधिकार नहीं है. आरोप लगाया कि त्रिवेदी ने नियमों को ताक पर रखकर सपाक्स की नीतियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और उनका ग़लत उपयोग किया.
ललित शास्त्री ने कहा सपाक्स को लेकर काफी भ्रम चारों तरफ फैल गया है.मैंने पी एस परिहार को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया है. कई रिटायर्ड IAS अफसरों को संरक्षक सदस्य बनाया गया है.शास्त्री ने कहा मैंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है कि सपाक्स सामाजिक संस्थान है और वो राजनैतिक पार्टी नहीं बन सकती.
सपाक्स के नाम का राजनैतिक उपयोग नहीं होने देंगे. इसलिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. सपाक्स के राजनैतिक दल के नाम से रजिस्ट्रेशन पर हमने आपत्ति जताई है. सपाक्स एक सामाजिक संगठन है. कुछ लोगों ने स्वयंभू बनकर इसका ग़लत उपयोग किया है. शास्त्री ने आगे कहा, हीरालाल त्रिवेदी संस्थान के संरक्षक सदस्य हैं. लेकिन उन्होंने सपाक्स नाम से राजनैतिक दल बना लिया, जबकि सपाक्स एक जन आंदोलन और सामाजिक संस्थान है,राजनैतिक दल नहीं है.








