सख्ती से शुरू हुई उपद्रवियों की खोज
ग्वारीघाट प्रकरण : शहर में तरह-तरह की चर्चाएं
जबलपुर। ग्वारीघाट में मंगलवार को जबलपुर की महारानी के विसर्जन को लेकर हुए हिंसक कोहराम के बाद पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू कर दी है । समिति के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद अभी तक ३४ उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है । १५ युवकों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। इस पूरे मामले में लगभग डेढ़ सौ गिरफ्तारियां होने की संभावना हैं। घटनास्थल से मिले विडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तारियां की जा रही हंै।
ज्यादातर हुए भूमिगत
गिरफ्तारियों की खबर लगते ही ज्यादातर उपद्रवी भूमिगत हो गए है। पुलिस द्वारा इनके घरों के साथ ही अन्य ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है जिसके चलते ज्यादातर लोग घटना के बाद से शहर से भाग चुके है और मामला शांत होने का इंतजार कर रहे है।
रात भर चला गिरफ्तारियों का सिलसिला
रात्रि को शुरू हुआ गिरफ्तारियों का सिलसिला अलसुबह तक जारी रहा। एसपी अमित सिंह द्वारा दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के आदेश के बाद, शाम को ही मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उईके,सीएसपी अर्जुन उईके,ग्वारीघाट थाना प्रभारी मरकाम और महिला एसआई के साथ एक बैठक की और मामले को लेकर विचार विमर्श किया गया जिसके बाद से शुरू हुआ गिरफ्तारियों का सिलसिला जो शुरू हुआ तो देर रात तक जारी रहा।
इस तरह हुई धरपकड़
समूची घटना के विडियो के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया गया और पड़ाव स्थित उनके घरों में दबिश देकर उन्हें ग्वारीघाट थाने लाया गया साथ ही थाना लार्डगंज से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया जिसके बाद हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या बढ़कर ३४ हो गयी।
परिजन पहुंचे थाने, बताया निर्दोष
हिरासत में लिये गए आरोपियों के परिजन देर रात थाना ग्वारीघाट पहुंच गए और गिरफ्तारियों का विरोध करते हुए उन्हें निर्दोष बताने की बात करते रहेकी गई, उनका कहना था कि कोहराम मचने की स्थिति में गिरफ्तार किए गए लोग प्रतिमा के पीछे जा छिपे थे और उनका इस घटनाक्रम से कोई लेना देना नही है। परिजनों के इस आरोप पर पुलिस ने उनके विडियो में होने की पुष्टि की गई जिसके बाद भी लोगों का आना जारी रहा जिसके चलते पुलिस नेसभी आरोपियों को सिविल लाईन थाने ले जाया गया।
पुलिस का सूचना तंत्र हुआ विफ ल
ग्वारीघाट में विसर्जन को लेकर फै ल रहे असंतोष की सूचना पुलिस के मुखबिरों ने आला अधिकारियों तक पहुंचा दी थी बावजूद इसके पुलिस ने मामले को हल्के में लिया जिसके परिणामस्वरूप विकट स्थिति को देखकर पुलिस के भी हाथ पांव फू ल गए। पुलिस द्वारा मुखबिरों की सूचना के आधार पर मामलें को शांतिपूर्ण ढंग से भी निपटाया जा सकता था।
बड़े पैमाने पर सम्पत्तियों का हुआ नुकसान
समूचे उपद्रव के दौरान लोगों पुलिस के वाहनों सहित ग्वारीघाट क्षेत्र में भी जमकर तोडफ़ ोड़ की गई थी आवेश में आए समिति सदस्यों ने पुलिस के कई चारपहियां वाहनों के साथ -साथ १० दोपहियां वाहनों में भी आग लगा दी थी जिससे लाखों की सम्पत्ति के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है।
सुबह हुआ आरोपियों का मुलाहिजा
खबर लिखे जाने तक सुबह तक आरोपियों का मुलाहिजा करवाया गया और जांच की गई कि आरोपी शराब के नशे में थे कि नही इसके उपरांत इन्हें एसडीएम के समक्ष पेश किये जाने की तैयारियां शुरू हो गयी थी ।
पुलिस कर्मी का बेटा भी लपेटे में
सूत्रों के अनुसार यह भी बात सामने आ रही है कि सभी आरोपियों में से एक आरोपी पुलिसकर्मी का बेटा भी शामिल है जिसको छुड़ाने उक्त पुलिसकर्मी द्वारा पुत्र को छोडऩे का आला अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा है।
ये लगी है धाराएं
विडियों के आधार पर चिन्हित किए गए आरोपयिों पर अपराध क्रमांक ३१५/२०१८, ३०७,२९४, ३२३, ३५३, ३३६, ३३२, १८६, १४७, १४८, १४९, ४३५ भादवि डैमेज टू पब्लिक प्रापर्टी एक्ट १९८४ की धारा ३,४ का अपराध पंजीबद्व किया गया है।

