संसद घेराव पर सरकार कि सख्त चेतावनी
नई पेंशन का विरोध करने कर्मचारी दिल्ली रवाना
जबलपुर विशेष प्रतिनिधि। कल 26 नवंबर को नई पेंशन नीति के विरोध में आयोजित संसद घेरो आंदोलन के तहत शहर की आयुध निर्माणी सहित विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी दिल्ली रवाना हो गए हैं ।जहां देश भर से आए कर्मचारी नई पेंशन नीति के विरोध में संसद का घेराव करेंगे ।वहीं इस आयोजन को लेकर केंद्र सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है, और चेतावनी दी है कि संसद भवन के घेराव का को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही कर सर्विस ब्रेक जैसे निर्णय भी लिए जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हुए कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम लागू कर दी है। जिसका केंद्र सरकार के साथ देश के विभिन्न राज्य के कर्मचारी भी विरोध कर रहे हैं। यूं तो सभी मान्यता प्राप्त है फेडरेशनों एवं एसोसिएशनो ने नए साल में 24 जनवरी से तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। वही नई पेंशन स्कीम के विरोध में गठित एन एम ओ पी मंच ने 26 नवंबर को संसद घेरने का ऐलान किया है ।दूसरी ओर भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की ओर से 12 नवंबर 2018 को जारी पत्र में चेतावनी दी गई है, कि ऐसी कोई भी गतिविधि केंद्रीय सिविल सेवा नियम 1964 के नियम 7 का उल्लंघन माना जाएगा ।जिसके तहत कर्मचारी के वेतन एवं भत्तो में कटौती तो होगी ही साथ ही कर्मचारी के इस कृत्य को कदाचार मानते हुए सर्विस ब्रेक की चेतावनी दी गई है। ज्ञात हो कि विगत दिनों रेलवे कर्मचारियों के लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में रेल मंत्री को भी नई पेंशन नीति का विरोध उस समय झेलना पड़ा, जब वह नई पेंशन नीति की वकालत कर रहे थे। बहरहाल देश के लगभग सभी राज्यों में और केंद्र सरकार की सभी विभागों में 1 जनवरी 2004 के बाद से भर्ती सरकारी कर्मचारियों में नई पेंशन नीति को लेकर जमकर विरोध है।

