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कोतवाली पुलिस ने शराब माफियाओं पर की ताबड़तोड़ कार्यवाही

डिंडोरी.आचार संहिता के बावजूद जिला मुख्यालय में अवैध शराब बेची जा रही है और हर रोज प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब की बड़ी खेप आसान तरीके से पहुंचाई जा रही है कहीं ना कहीं प्रशासनिक महकमे की कमी को उजागर करने के लिए काफी है शुक्रवार के दिन भी जिला मुख्यालय के पास एवं साकेत नगर के एक घर से सूत्रों की जानकारी के अनुसार शराब ठेकेदार का ऑफिस बताया गया और शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी गई उसके दो रोज पहले नगर से लगे बायपास में भी एक चार पहिया वाहन से अंग्रेजी शराब पकड़ी गई थी बेशक आचार संहिता के बाद भी अवैध शराब की धर पकड़ जोरों पर है और कुछ एक ठिकानों पर शिकंजा भी कसा गया किंतु कुछ बड़े ठिकाने आज भी खुले हुए हैं जहां बड़ी आसानी से अवैध शराब परोसी जा रही है आखिर किसकी शह पर और कौन है इसका मददगार जानकर और जिम्मेदार यह तो शराब माफिया ही जाने और किसकी शह पर शराब बेची जा रही है और इसके बावजूद 28 दिसंबर को मतदान दिवस है इसके बाद भी जिले में अवैध शराब खुलेआम आ रही है जैसे कि शाहपुरा मैं भी अवैध शराब का एक बड़ा जखीरा पकड़ा गया विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जांच टीम एसएफटी के द्वारा निरंतर कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है और लगातार बड़ी कार्यवाही के चलते शराब माफिया के हौसले पस्त हो रहे हैं यहां लग्जरी वाहन में शराब का अवैध परिवहन किया जा रहा है लगातार कार्यवाही से शराब तस्करों के हौसले खत्म होते नजर आ रहे हैं क्योंकि यहां पर नर्मदा तट के कस्बों वाह शहरों में शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं ऐसे में शाहपुरा सहित अन्य कई कस्बे क्षेत्र है जहां पर लाइसेंसी शराब दुकान संचालित है और यहीं से शराब का अवैध परिवहन किया जाता है विधानसभा चुनाव में प्रशासन के लिए यहां एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है की कुछ लोग शराब और पैसे का लालच देकर वोट ख़रीदने की कोशिश करते हैं और मतदान को प्रभावित करने की कोशिश भी करते हैं इसके लिए प्रशासन वाहनों की कड़ी से कड़ी चेकिंग करने में जुटी हुई है और जांच के दौरान सुबह 5:30 बजे के लगभग एसएसटी टीम द्वारा छत्तीसगढ़ पासिंग एक स्कॉर्पियो में जांच की गई जिसमें शराब का जखीरा बरामद हुआ 240 पाव 40 लीटर से अधिक की शराब जप्त की गई जिसकी कीमत 16000 ₹800 बताई गई टीम ने वाहन चालक योगेंद्र मिश्रा को पकड़ पुलिस के सुपुर्द किया जहां शाहपुरा पुलिस ने धारा 34 आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की सूत्र की जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय में शराब की आसान पहुंच का सवाल है तो सूत्र यहां बताते हैं कि जिला मुख्यालय के पूर्व ठेकेदार के गुर्गे इस पूरे काम को अंजाम दे रहे हैं क्योंकि उक्त व्यक्ति राजनीतिक दल से भी जुड़ा हुआ है और रसूखदार हैं जिसके कारण अवैध शराब का कारोबार आसानी से किया जा रहा है लगभग 15 रोज पहले भी इनके ऑफिस से महंगी शराब बरामद की गई थी बेशक जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके दुरुपयोग को मद्देनजर रख आदेश जारी कर दिखए हैं एवा बावजूद इस के वर्तमान स्थिति को देख यहां अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि प्रत्याशी रातोंरात समीकरण बदलने में इसका उपयोग जमकर कर सकते हैं क्योंकि आदिवासी बहुल जिले मैं इसका सेवन अधिकतर किया जाता है और अधिकांश उम्मीदवार चुनाव प्रभावित करने मतदान दिवस से दो रोज पहले इसका बखूबी इस्तेमाल कर सकते हैं

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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