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श्रावण मास में भक्तों को दर्शन देने रजत पालकी में सवार होंगे महाकाल

mahakal

उज्जैन। श्रावण मास में सोमवार को महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। भगवान महाकाल मनमहेश रूप में रजत पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। सभा मंडप में पूजन पश्चात शाम 4 बजे राजा की पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी।

मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल की टुकड़ी राजाधिराज को सलामी देगी। इसके बाद कारवां शिप्रा तट की ओर रवाना होगा। निर्धारित मार्गों से होकर सवारी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा के जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा अर्चना करेंगे।

पूजन पश्चात सवारी पुन: मंदिर की ओर रवाना होगी। इधर श्रावण मास के पहले रविवार पर देश विदेश से आए करीब 50 हजार भक्तों ने महाकाल दर्शन किए। अत्यधिक भीड़ के कारण दर्शनार्थियों का गर्भगृह में प्रवेश बंद रहा।

इस बार छह सवारी

श्रावण-भादौ मास में इस बार भगवान महाकाल की छह सवारी निकलेगी। 30 जुलाई को पहली, 6 अगस्त को दूसरी, 13 अगस्त को तीसरी, 20 अगस्त को चौथी, 27 अगस्त को पांचवीं सवारी निकलेगी। 3 सितंबर जन्माष्टमी पर शाही सवारी निकलेगी।

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