Saturday, April 25, 2026
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें, जानिए किसे क्या मिला

Nirmala Sitaraman 4th Press Conference: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को लगातार चौथे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के आत्म निर्भर भारत पैकेज में किस सेक्टर के लिए क्या है दिया गया है। इस बार मुख्य फोकस कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन क्षेत्र सहित 8 क्षेत्रों पर फोकस रहा। इनमें शामिल रहे उड्डयन, बिजली वितरण, अंतरिक्ष क्षेत्र और आण्विक ऊर्जा। वित्त मंत्री ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए निवेश बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधार, 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 3376 सेज बनाए जाएंगे। हर मंत्रालय में परियोजना विकास ईकाई परियोजना पर काम करेगी, औद्योगिक क्लस्टर उन्नयन के लिए राज्यों में योजनाएं लागू की जाएगी। पढ़िए शनिवार को की गई प्रमुख घोषणाएं –

सुधार यानी रिफॉर्म्स पर जोर: वित्त मंत्री ने कहा, देश में कारोबार को सुगम बनाएंगे। हमने बैंकिंग सिस्टम में सुधार किए, आज भारत निवेश के लिए पहली पसंद है। हमें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना है। बुनियादी सुधारों पर हमारा जोर। देश मे उत्पादन देश, देश के लिए उत्पादन। इंडस्ट्रियल उत्पादन की रफ्तार बढ़ाना है।कई सेक्टर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। डीबीटी,जीएसटी जैसे सुधार देश के लिए अहम हैं।

कोयला क्षेत्र: वाणिज्यिक खनन होगा, कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार खत्म होगा, कोयला क्षेत्र में सुधार की योजना बनी है। खनिज क्षेत्र में अन्वेषण सह खनन सह उत्पादन नीति की शुरुआत होगी। 500 खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे। सही कीमत पर ज्यादा कोयला मिलेगा, 50 कोयला ब्लॉक की आने वाले समय में तत्काल नीलामी होगी, आंशिक रूप से अन्वेषण हुए कोयला ब्लॉक की नीलामी होगी। सरकार कोयला क्षेत्र में निर्धारित रुपए/टन व्यवस्था के बजाय राजस्व साझाकरण तंत्र द्वारा प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की शुरुआत करेगी। कोयला क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
रक्षा: रक्षा उत्पादन में एफडीआई सीमा 49 से बढ़ाकर 74 किया गया है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए मेक इन इंडिया पर जोर, आयुध निर्माणी बोर्ड को निगमीकृत किया जाएगा।

एविएशन: 6 और हवाई अड्डों की तीसरे दौर में नीलामी होगी, पीपीपी मॉडल से 6 हवाई अड्डों को विकसित किया जाएगा। इंडियन एयर स्पेस के उपयोग पर प्रतिबंध को कम किया जाएगा ताकि नागरिक उड़ान अधिक कुशल हो। इससे विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष 1000 करोड़ रुपये का कुल लाभ होगा। 12 एयरपोर्ट के विकास पर 13 हजार करोड़ दिए गए हैं। एयरस्पेस का विस्तार होगा। अभी सिर्फ 60 फीसदी खुला है। इससे एक हजार करोड़ बचेंगे।

आत्मनिर्भर भारत के लिए निवेश बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधार, 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 3376 सेज बनाए जाएंगे। हर मंत्रालय में परियोजना विकास ईकाई परियोजना पर काम करेगी, औद्योगिक क्लस्टर उन्नयन के लिए राज्यों में योजनाएं लागू की जाएगी।

न्यू चैंपियन सेक्टरों के संवर्धन के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की जाएंगी जैसे सोलर पीवी विनिर्माण, उन्नत सेल बैटरी भंडारण आदि।’

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम