लाड़ली बहना योजना: क्या एक ही घर की दो महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ? जानिए नियम, पात्रता और शर्तें
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काफी लोकप्रिय साबित हुई है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अब तक 40 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और महिलाएं 41वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं। इस बीच, अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या एक ही परिवार या घर की दो महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सकता है?
सरकारी नियमों के अनुसार, यदि परिवार की महिलाएं योजना के सभी तय मापदंडों को पूरा करती हैं, तो एक ही घर की एक से अधिक महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
पात्रता के नियम और परिवार की परिभाषा
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सामूहिक या अलग समग्र आईडी: योजना के अंतर्गत पात्रता महिला की व्यक्तिगत योग्यता और राशन कार्ड/समग्र परिवार आईडी पर निर्भर करती है। यदि संयुक्त परिवार में सास-बहू या देवरानी-जेठानी अलग-अलग समग्र आईडी में पंजीकृत हैं या एक ही परिवार में रहते हुए सभी शर्तें पूरी करती हैं, तो दोनों अलग-अलग आवेदन कर सकती हैं।
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आयु एवं वैवाहिक स्थिति: महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। महिला का विवाहित होना अनिवार्य है, जिसमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं (अविवाहित महिलाएं इसके पात्र नहीं हैं)।
आर्थिक एवं भूमि संबंधी प्रतिबंध
एक ही घर की दो महिलाओं को लाभ तभी मिलेगा जब उनका परिवार निम्नलिखित शर्तें पूरी करता हो:
- वार्षिक आय: परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- कृषि भूमि: परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।
- कर एवं नौकरी: परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता (Incometax Payee) न हो और न ही सरकारी सेवा में हो।लाड़ली बहना योजना: क्या एक ही घर की दो महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ? जानिए नियम, पात्रता और शर्तें
आवेदन से पहले ये 4 काम जरूर करें पूर्ण
यदि एक ही घर में दो महिलाएं पात्र हैं, तो दोनों को भुगतान में रुकावट से बचने के लिए निम्न औपचारिकताएं पूरी रखनी होंगी:
| क्र. सं. | आवश्यक कार्य | विवरण |
| 1 | व्यक्तिगत बैंक खाता |
दोनों महिलाओं का अलग-अलग सिंगल बैंक अकाउंट होना चाहिए (संयुक्त खाता अमान्य)। |
| 2 | Aadhaar व DBT लिंक |
बैंक खाते से आधार लिंक होना और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) एक्टिव होना अनिवार्य है। |
| 3 | e-KYC पूर्ण |
समग्र आईडी और आधार कार्ड में नाम व जन्मतिथि एक समान होनी चाहिए और e-KYC अपडेट होना चाहिए। |
