रेल मंत्री Piyush Goyal ने कहा, रेलवे का नहीं होगा निजीकरण

Indian Railways: रेल मंत्री Piyush Goyal ने स्पष्ट किया कि India Railways का निजीकरण नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में चल रही रेलवे की सेवाएं वैसे ही जारी रहेंगी। कुछ रूट्स पर प्राइवेट ट्रेनें चलाने से रेलवे की सर्विस में सुधार होगा और रोजगार के अवसर सामने आएंगे।

केंद्र सरकार ने 109 रूट्स पर प्राइवेट प्लेयर्स की मदद से 151 Private Trains चलाए जाने की योजना तैयार की है। इस फैसले की वजह से रेलवे के निजीकरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ट्वीट के जरिए स्थिति साफ करते हुए इन अटकलों पर विराम लगा दिया।

पीयूष गोयल ने लिखा, रेलवे की वर्तमान में चल रही सेवाओं में बिना कोई परिवर्तन किए, निजी भागीदारी द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त 151 नई ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों से रेलवे का निजीकरण नहीं होगा, बल्कि इस भागीदारी से आधुनिक सुविधा, सुरक्षा सहित सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसका लाभ यात्रियों को मिलेगा।

रेलवे की वर्तमान में चल रही सेवाओं में बिना कोई परिवर्तन किये, निजी भागीदारी द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त 151 नई ट्रेनें चलेंगी।

इन ट्रेनों से रेलवे का निजीकरण नही होगा, बल्कि इस भागीदारी से आधुनिक सुविधा, सुरक्षा सहित सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसका लाभ यात्रियों को मिलेगा। pic.twitter.com/scrya2TBco

— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 8, 2020

रेलमंत्री ने कहा कि प्राइवेट ट्रेनें उन रूट्स पर चलाई जाएंगी, जहां डिमांड ज्यादा है। इससे वर्तमान ट्रेनों और उनके टिकटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मॉडर्न ट्रेन चलाने का उद्देश्य मॉडर्न टेक्नोलॉजी द्वारा अधोसंरचना में सुधार लाना है।

साल 2023 तक 109 रूटों पर चलने वाली इन प्राइवेट ट्रेनों में एयरलाइंस की तरह पसंद की सीट, बैगेज और ऑन बोर्ड सर्विस के लिए आपको एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा। इससे होने वाली कमाई ग्रॉस रेवेन्यू के तहत काउंट होगी और रेलवे के साथ ग्रॉस रेवेन्यू का बंटवारा होगा।

IRCTC तीन प्राइवेट ट्रेनों की शुरुआत कर चुका है। IRCTC लखनऊ-नई दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई रूट पर तेजस ट्रेनें और वाराणसी-इंदौर रूट पर काशी-महाकाल एक्सप्रेस चला रहा है।

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