जबलपुर। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार दिलाने के लिए शिक्षकों का चयन करने अब स्कूल प्राचार्यों की मनमर्जी नहीं चलेगी। शिक्षक अब खुद मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पुरस्कार का दावा कर सकेंगे।
राष्ट्रपति पुरस्कार चयन में बरती जा रही लापरवाही और पक्षपातपूर्ण शिक्षकों की चयन की प्रक्रिया में मानव संसाधन विभाग ने बदलाव कर दिया है। शिक्षक पुरस्कार के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बता दें कि स्कूल प्राचार्य और शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते जिले के किसी भी शिक्षक को पिछले 3 साल से राष्ट्रपति पुरस्कार नहीं मिल पाया है।
अब ऐसे होगा शिक्षकों का चयन –
- राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए शिक्षक मानव संसाधन विकास विभाग की वेबसाइट पर खुद ऑनलाइन आवेदन 30 जून तक कर सकेंगे।
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शिक्षकों को ऑनलाइन पोर्ट फोलियो तैयार कर शिक्षा, समाज के क्षेत्र में किए गए कार्यों के दस्तावेज, फोटोग्राफ्स, आडियो-वीडियो व अन्य दस्तावेज ऑनलाइन भेजने होंगे।
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जो जानकारी आवेदन के साथ दी जाएगी उसका एक वचनपत्र भी देना होगा। यदि कोई जानकारी गलत हुई तो शिक्षकों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच डीईओ की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति करेगी। समिति में राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि, कलेक्टर द्वारा नामांकित शिक्षाविद रहेंगे।
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जिला स्तरीय समिति शिक्षकों के दस्तावेजों का वेरीफिकेशन कर शिक्षकों के चयनित नाम राज्य स्तरीय समिति को भेजेगी। ये समिति मानव संसाधन विभाग को भेजकर पुरस्कार की अनुशंसा करेगी।
पहले ऐसे होती थी लापरवाही –
- राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए डीडीओ (संकुल प्राचार्य) से शिक्षकों के नाम लिए जाते थे। फिर डीईओ कार्यालय में संबंधित शिक्षकों के दस्तावेजों को वेरीफिकेशन किया जाता है।
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डीईओ कार्यालय की योजना शाखा को संबंधित शिक्षकों के दस्तावेजों का वेरीफिकेशन की जिम्मेदारी दी जाती थी। प्राचार्य जहां शिक्षकों का समय रहते चयन नहीं कर पाते थे। या फिर औपचारिकता निभाने मनचाहे तरीके से ऐसे शिक्षकों के नाम प्रस्तावति कर देते थे, जिन्होंने शिक्षा, समाज के क्षेत्र में कोई बड़ा योगदान किया ही नहीं। इसके बाद डीईओ कार्यालय में पुरस्कार संबंधी फाइल कई दिनों तक पड़ी रहती थी। ———-
7 साल में सिर्फ 4 को मिला पुरस्कार –
वर्ष – पुरस्कार से नवाजे गए शिक्षक –
-2009-10 – रविन्द्र गुप्ता, अनिल भूषण द्विवेदी, अब्दुल सत्तार
-2013-14 – डॉ.बीएल मिश्रा
-2015-16 – जिले से कोई नहीं
- 2016-17 – जिले से कोई नहीं
पुरस्कार के फायदे –
- 50 हजार रुपए नकद मिलते हैं।
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दो अग्रिम वेतनवृद्घि दिए जाने का प्रावधान।
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रेलवे में छूट के होते हैं हकदार।
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राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जाता है।
राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। अब शिक्षक पुरस्कार के लिए खुद मानव संसाधन विकास विभाग की वेबसाइट में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नई व्यवस्था से शिक्षक चयन में पक्षपात नहीं होगा।
-डॉ.कामायनी कश्यप, प्रभारी संयुक्त संचालक, संभागीय लोकशिक्षण
