राम मंदिर बनाने एएचपी के कार्यकर्ता अयोध्या पहुंचे
मंदिर नहीं तो बनेगी हिन्दुओं की सरकार
जबलपुर। मंदिर निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अयोध्या पहुंचे तथा उनके द्वारा मंदिर निर्माण को लेकर गिरफ्तारियां दी गई हैं जिसमें शहर के कम से कम 2000 से 5000 कार्यकर्ता मंदिर निर्माण के लिए पहुंचे हैं कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्री राम जन्मभूमि को प्राप्त करने के लिए हिंदुओं ने सदैव संघर्ष किया है तथा लगातार आंदोलन और समाज के साथ खड़े होकर इसके लिए लड़ाई लड़ी है श्री राम जन्मभूमि को पुन: प्राप्त करने के लिए 1984 से राम जन्मभूमि आंदोलन प्रारंभ हुआ इस आंदोलन में भाजपा विश्व हिंदू परिषद एवं विविध सामाजिक संगठन ने सहभागिता दी थी। लेकिन केंद्र सरकार ने 2014 में पूर्ण बहुमत के आने के बाद अपने वादे से पलट गई और न्यायालय के फैसले का राग अलापने लगे। जिससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था आहत हुई है। संगठन का कहना है कि डॉ प्रवीण तोगडिय़ा ने राम मंदिर की स्थापना के लिए अथक प्रयास किये परंतु केंद्र सरकार ने सत्ता पर आते ही अपने असली रंग को दिखा दिया, हिंदू समाज को ना हिंदुओं की आस्था श्रद्धा और स्वाभिमान के लिए राम मंदिर निर्माण के आवाहन करते हुए पूर्व लोकतांत्रिक तरीके से 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक लखनऊ से अयोध्या तक समस्त देश से 500000 लोग अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर निर्माण हेतु मांग कर रहे हैं। लखनऊ से अयोध्या तक लोग पैदल मार्च करते हुए यह मांग की कि जल्द से जल्द सरकार द्वारा राम मंदिर का निर्माण किया जाए यदि सरकार कानून लाकर श्री राम मंदिर का निर्माण करने का रास्ता साफ नहीं करती है तो इस केन्द्र सरकार को चुनौती देते हुए आने वाली सरकार हिन्दुओं की होगी।
अचानक याद आई राम मंदिर की
संगठन के सदस्यों का आरोप है कि अचानक विश्व हिंदू परिषद चुनाव आने के पूर्व राम मंदिर का राग अलापने लगी है कुछ वर्ष पूर्व भाजपा की सरकार आने तक इनके द्वारा राम मंदिर की सुध तक नहीं ली गई थी परंतु अचानक अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के बड़े आंदोलन के बाद विश्व हिंदू परिषद और संघ में असुरक्षा की भावना है जिसके चलते विश्व हिंदू परिषद राम मंदिर की याद कर रहा है और घर-घर जाकर लोगों को राम मंदिर निर्माण के लिए जोडऩे की बात कर रहा है। पिछले चार सालों में जब भाजपा की सरकार थी तब राम मंदिर की किसी संगठन द्वारा नहीं की गयी।

